नई दिल्ली। शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर जारी आंदोलन के बीच शुक्रवार को केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में अहम बैठक हुई। करीब दो घंटे तक चली वार्ता में कई मुद्दों पर चर्चा हुई, हालांकि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर फिलहाल कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी।
बैठक में केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह शामिल हुए, जबकि CJP का प्रतिनिधित्व सौरभ दास और आशुतोष रांका ने किया। वार्ता के बाद CJP प्रवक्ताओं ने कहा कि पार्टी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से पीछे नहीं हटेगी और इस मुद्दे पर किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
CJP नेताओं के अनुसार, सरकार ने प्रदर्शनकारियों के लिए मुआवजे तथा उनके खिलाफ दर्ज मामलों पर सकारात्मक रुख दिखाया है। वहीं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें और परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े पांच सुझाव रखे हैं। सरकार ने इन प्रस्तावों पर विचार करने के लिए शनिवार तक का समय मांगा है।
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों का अनशन समाप्त किया है। हालांकि CJP ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
मुख्य बातें
दिल्ली में सरकार और CJP के बीच दो घंटे तक वार्ता।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर CJP कायम।
सरकार ने जवाब देने के लिए एक दिन का समय मांगा।
मुआवजे और प्रदर्शनकारियों से जुड़े मामलों पर चर्चा।
परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए CJP ने पांच सुझाव सौंपे।