NEET पेपर लीक मामला: सोनम वांगचुक ने 27वें दिन खत्म किया अनशन, जेपी नड्डा ने पिलाया जूस; तीन मांगों पर मिला लिखित आश्वासन

नई दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों के खिलाफ 27 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे, जहां जेपी नड्डा ने वांगचुक को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया और सरकार की ओर से लिखित आश्वासन का पत्र सौंपा।

📜 सरकार से तीन प्रमुख मांगों पर मिला लिखित आश्वासन

सोनम वांगचुक ने वीडियो संदेश जारी कर बताया कि पिछले दो दिनों से सरकार के साथ लगातार बातचीत चल रही थी। सरकार से निम्नलिखित तीन प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही उन्होंने अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया:

  1. छात्रों पर कार्रवाई नहीं: आंदोलन में शामिल प्रदर्शनकारी छात्रों पर कोई पुलिस केस दर्ज नहीं किया जाएगा।

  2. संसद में चर्चा: पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने के मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाएगी।

  3. पीड़ित परिवारों को मुआवजा: पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।

🏛️ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या बोले वांगचुक?

वांगचुक ने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सरकार की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिला है। उन्होंने कहा, “मेरे लिए सबसे अहम बात छात्रों पर कार्रवाई रुकवाना और उनकी सुरक्षा थी। आगे की लड़ाई जारी रखने के लिए अपनी जान बचाना जरूरी था।”

🤝 65 से अधिक सांसदों का मिला समर्थन

अनशन के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने वांगचुक से मुलाकात की या संदेश भेजकर अपना समर्थन दिया। सांसदों ने भरोसा दिलाया कि वे संसद के चालू मानसून सत्र में NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार का मुद्दा प्रमुखता से उठाएंगे।

🩺 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट (X) के जरिए वांगचुक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने अपील की कि वांगचुक डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या रखें और जल्द से जल्द पूर्ण स्वास्थ्य प्राप्त करें।