₹9.54 करोड़ का GST फ्रॉड: 53 करोड़ की फर्जी बिलिंग मामले में मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 3 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में

रायपुर:

जीएसटी (GST) विभाग और जांच एजेंसियों ने टैक्स चोरी व फर्जी बिलिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के जीएसटी घोटाले का पर्दाफाश किया है। 53 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग के जरिए 9.54 करोड़ रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

3 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से विद्वान न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को 3 अगस्त तक के लिए न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में जेल भेज दिया है।

फर्जी बिलिंग से करोड़ों के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का खेल

जांच में सामने आया है कि आरोपी ने फर्जी फर्मों (Bogus Firms) का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया था:

  • बिना माल सप्लाई के बिलिंग: बिना किसी वास्तविक सामान या सेवाओं की आपूर्ति के लगभग 53 करोड़ रुपये के फर्जी बिल जारी किए गए।

  • कर चोरी: इसके जरिए लगभग 9.54 करोड़ रुपये का अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम किया गया और सरकारी खजाने को भारी चपत लगाई गई।

जीएसटी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फर्जी बिलिंग के इस सिंडिकेट में शामिल अन्य सहयोगियों और संदिग्ध फर्मों की भी गहनता से जांच की जा रही है, आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।