शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट: वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों से बाजार लाल निशान पर, फार्मा व बैंकिंग शेयरों में बिकवाली
मुंबई:
भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) और कच्चे तेल (Crude Oil) की आसमान छूती कीमतों के चलते भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
कारोबारी हफ्ते के दौरान बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक—सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty)—शुरुआती कारोबार से ही दबाव में नजर आए और लाल निशान के साथ बंद हुए।
गिरावट के मुख्य कारण
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कच्चे तेल में उछाल: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण क्रूड ऑयल की वैश्विक कीमतों में तेजी आई है, जिससे भारत जैसे आयातक देश के लिए महंगाई की चिंता बढ़ गई है।
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वैश्विक बाजारों का दबाव: अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों का असर घरेलू निवेशकों की धारणा (Market Sentiment) पर साफ पड़ा।
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विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से भारतीय बाजार से पूंजी निकासी जारी रहने से सूचकांकों पर दबाव बना हुआ है।
फार्मा और बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा नुकसान
आज के कारोबार में लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली देखी गई, लेकिन फार्मा (Pharma) और बैंकिंग (Banking) शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
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बैंकिंग शेयर: बैंक निफ्टी में गिरावट से बड़े निजी और सरकारी बैंकों के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया।
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फार्मा शेयर: मुनाफावसूली (Profit Booking) के चलते फार्मा कंपनियों के स्टॉक भी दबाव में रहे।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर स्थिति सामान्य नहीं होती और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) का माहौल बना रह सकता है।
