छत्तीसगढ़ विधानसभा में गरमाया ‘नकली मंगलसूत्र’ और ‘राशन दुकान में मसाला’ का मुद्दा: विपक्ष के तीखे सवाल, मंत्रियों ने दिया यह जवाब
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को सदन में भारी हंगामा और तीखी बहस देखने को मिली। खाद्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार को जमकर घेरा। सदन में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में कथित ‘नकली मंगलसूत्र’ बांटने का आरोप और राशन दुकानों में जबरन मसाला बिकवाने का मामला प्रमुखता से गूंजा, जिस पर संबंधित मंत्रियों ने सरकार का पक्ष रखते हुए स्पष्टीकरण दिया।
“50 हजार दे रहे, तो नकली मंगलसूत्र क्यों?” – अनिला भेंडिया का सरकार पर हमला
महिला एवं बाल विकास विभाग के बजटीय आवंटन और योजनाओं पर चर्चा के दौरान पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक अनिला भेंडिया ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब योजना के तहत प्रति जोड़ा 50 हजार रुपए की सहयोग राशि का प्रावधान है, तो नवविवाहितों को नकली मंगलसूत्र क्यों बांटे जा रहे हैं?
अनिला भेंडिया ने वेंडर और विभागीय समिति पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन दोषियों पर कार्रवाई करने से बच रहा है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का पलटवार: “बालोद में ऐसी कोई शिकायत नहीं”
विपक्ष के इन गंभीर आरोपों पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने पलटवार किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बालोद जिले सहित प्रदेश में ऐसी कोई भी आधिकारिक शिकायत सामने नहीं आई है।
योजना की पारदर्शिता पर बात करते हुए मंत्री राजवाड़े ने बताया कि कुल 50 हजार रुपए की राशि में से 35 हजार रुपए डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे वधु के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं। इसके अलावा 7 हजार रुपए श्रृंगार और सामान्य सामग्रियों के लिए होते हैं, जबकि शेष राशि अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च की जाती है।
राशन दुकानों में ‘मसाला’ बेचने पर विवाद, स्पीकर महंत ने ली चुटकी
सदन में दूसरा दिलचस्प और विवादित मुद्दा भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने उठाया। उन्होंने खाद्य मंत्री दयालदास बघेल से पूछा कि राशन दुकानों में कौन-कौन सी सामग्रियां दी जाती हैं। मंत्री ने जवाब दिया कि चावल, दाल, नमक, चना और शक्कर का वितरण होता है।
इस पर सुशांत शुक्ला ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक दबाव में राशन दुकानों के संचालकों को जबरन मसाला बेचने के लिए विवश किया जा रहा है। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने इस पर अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि उन्हें ‘मसाले’ की कोई जानकारी नहीं है। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने चुटकी लेते हुए कहा, “मसाले का दो अर्थ होता है। एक खाना बनाते समय सब्जी में डालने वाला और दूसरा देख लीजिए…” जिस पर विधायक शुक्ला ने स्पष्ट किया कि उनका अभिप्राय सब्जी वाले मसाले से ही था।
केशकाल में खुलेंगे नए धान खरीदी केंद्र, ई-केवाईसी पर भी चर्चा
इसके अलावा सदन में केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के किसानों की सुविधा के लिए नए धान खरीदी केंद्र खोलने की मांग उठाई। खाद्य मंत्री दयालदास ने बताया कि 13 में से 12 कलेक्टर प्रस्तावों को पात्र पाया गया है और जल्द ही परीक्षण के बाद केंद्र खोलने की स्वीकृति दी जाएगी। वहीं, ई-केवाईसी (e-KYC) के कारण राशन वितरण में आ रही दिक्कतों को लेकर भी सदस्यों ने चिंता जताई, जिस पर सरकार ने इसे जरूरी प्रक्रिया बताया।
