महंगाई का बड़ा झटका: 17 महीनों में पहली बार 4% के पार पहुंची खुदरा मुद्रास्फीति, खाने-पीने की चीजें भी हुईं महंगी

नई दिल्ली:

आम जनता की जेब पर एक बार फिर महंगाई की तगड़ी मार पड़ी है। जून 2026 के आधिकारिक सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत की खुदरा मुद्रास्फीति (Retail Inflation) पिछले 17 महीनों में पहली बार भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4% के मध्यम अवधि के लक्ष्य को पार कर गई है। जून में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई है, जो मई में 3.93% दर्ज की गई थी।

खाद्य मुद्रास्फीति बढ़कर हुई 5.32%

इस महंगाई को बढ़ाने में सबसे बड़ी भूमिका खाने-पीने की चीजों के दामों में हुई बढ़ोतरी ने निभाई है।

  • सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, खाद्य मुद्रास्फीति (Food Inflation) मई के 4.78% से उछलकर जून में 5.32% पर पहुंच गई है।

  • कमजोर मानसून और शुरुआती सीजन में बारिश की कमी के कारण कृषि उत्पादन प्रभावित हुआ है, जिसका सीधा असर फल, सब्जी और अन्य खाद्य सामग्रियों की कीमतों पर देखने को मिल रहा है।

शहरों से ज्यादा ग्रामीण इलाकों में महंगाई का असर

रिपोर्ट के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों की तुलना में देश के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले परिवारों को महंगाई की मार अधिक झेलनी पड़ रही है:

  • ग्रामीण खुदरा महंगाई: जून में ग्रामीण क्षेत्रों की महंगाई दर 4.74% रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 3.92% दर्ज की गई।

  • ग्रामीण खाद्य महंगाई: ग्रामीण इलाकों में भोजन की महंगाई दर 5.45% तक पहुंच गई है, जो शहरों में 5.09% है।

अदरक और टमाटर के दामों में भारी उछाल

खाद्य सामग्रियों में कुछ विशिष्ट चीजों की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस दौरान अदरक की कीमतों में 50.41% और टमाटर की कीमतों में 31.92% का भारी उछाल आया है। इसके अलावा, सोने और चांदी की कीमतों में हुई तेजी के कारण आभूषण भी काफी महंगे हुए हैं।