छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ विधेयक लाने वाला देश का पहला राज्य बनेगा CG, 11 अहम प्रस्तावों को मंजूरी
रायपुर, 9 जुलाई 2026: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास, औद्योगिक निवेश और जनहित से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। इस मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 11 महत्वपूर्ण प्रस्तावों और नए संशोधन विधेयकों के प्रारूप को मंजूरी दी गई है।
इस कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक रहा, जिसे लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बनने जा रहा है।
1. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: देश का पहला राज्य बनेगा छत्तीसगढ़
मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई। इस तरह का कानून लाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। इसके तहत:
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व्यापार और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध होगी।
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डीम्ड परमिशन (Deemed Permission), स्व-प्रमाणीकरण (Self-certification) और तृतीय-पक्ष सत्यापन जैसी आधुनिक व्यवस्था लागू होगी।
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दोहरे लाइसेंसिंग सिस्टम को खत्म किया जाएगा, जिससे निवेशकों को अनावश्यक बाधाओं से मुक्ति मिलेगी।
2. बिजली भुगतान सुरक्षा के लिए RBI की DDM व्यवस्था मंजूर
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा केंद्रीय विद्युत उपक्रमों (CPSUs) जैसे NTPC से खरीदी जाने वाली बिजली के भुगतान को सुरक्षित करने के लिए अब त्रिपक्षीय अनुबंध की जगह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) व्यवस्था को मंजूरी दी गई है। इससे राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा और बिजली आपूर्ति बिना बाधा के जारी रहेगी।
3. बस्तर फाइटर्स भर्ती नियमों में संशोधन
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स), फाइटर आरक्षक सेवा (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम, 2026 में महत्वपूर्ण संशोधनों को अपनी स्वीकृति दे दी है।
4. निजी विश्वविद्यालयों के लिए ‘रक्षित निधि’ का नया प्रावधान
उच्च शिक्षा में बड़े सुधार के लिए छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी गई है।
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अब विन्यास निधि के स्थान पर ‘रक्षित निधि’ का प्रावधान होगा।
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आधारभूत इंफ्रास्ट्रक्चर और पुस्तकालयों को UGC के मानकों के अनुरूप कड़ाई से सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे छात्रों का भविष्य बेहतर हो सके।
5. वाणिज्यिक कर अधिकरण समाप्त, मामले राजस्व मंडल को ट्रांसफर
छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई है। चूंकि राज्य में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) की स्थापना हो चुकी है, इसलिए अब पृथक वाणिज्यिक कर अधिकरण की आवश्यकता नहीं रह गई है। इसके समाप्त होने से अब लंबित मामले राजस्व मंडल (Board of Revenue) को ट्रांसफर किए जाएंगे।
छत्तीसगढ़ कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले एक नजर में:
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CG GST (संशोधन) विधेयक, 2026: निर्यातकों और करदाताओं के लिए रिफंड प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और सरल बनाने के लिए विधेयक के प्रारूप को हरी झंडी दी गई।
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औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन विधेयक: राज्य में उद्योगों के लिए अधिक अनुकूल माहौल तैयार करने और निवेश को बढ़ावा देने के लिए अन्य अग्रणी राज्यों की औद्योगिक नीतियों के अध्ययन के बाद इस संशोधन को मंजूरी दी गई।
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नवा रायपुर में वन टाइम सेटलमेंट (OTS): नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) द्वारा आवंटित भूखंडों पर देय ब्याज और अधिभार में राहत के लिए OTS योजना-2026 को मंजूरी दी गई।
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पर्यावरण कानूनों का सरलीकरण: जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 को छत्तीसगढ़ में लागू करने के लिए विधानसभा में संकल्प लाने की मंजूरी दी गई। इसके तहत छोटे उल्लंघनों को अपराध मुक्त कर केवल आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है।
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नया भाड़ा नियंत्रण (Rent Control) संशोधन: खाली पड़े मकानों को किराए पर देने को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के आदर्श किरायेदारी अधिनियम, 2021 के अनुरूप संशोधन को मंजूरी दी गई।
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राजनांदगांव को बड़ी सौगात: राजनांदगांव में 2000 सीट की क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए सरकारी जमीन के आवंटन का निर्णय लिया गया।
