छत्तीसगढ़ में बड़ी राजनीतिक नियुक्तियां: 13 निगम-मंडलों में 25 नेताओं को मिली कमान, देखें पूरी सूची
रायपुर | छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रशासनिक कसावट के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से प्रतीक्षित नियुक्तियों की पहली बड़ी सूची जारी कर दी है। सरकार ने राज्य के 13 प्रमुख निगम, मंडल, आयोग और बोर्ड में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों के खाली पदों को भर दिया है।
चुनावी वादों और क्षेत्रीय-सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए कुल 25 भाजपा नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को इन अहम पदों पर तैनात किया गया है।
प्रमुख नियुक्तियां: इन्हें मिली अध्यक्ष पद की कमान
इस फेरबदल में संगठन के प्रति वफादार और सक्रिय चेहरों को कैबिनेट व राज्य मंत्री दर्जे के पदों से नवाजा गया है:
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ममता साहू (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग): महिला अधिकारों और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहीं ममता साहू को महिला आयोग का नया प्रमुख बनाया गया है। प्रदेश में महिलाओं से जुड़े मुद्दों की निगरानी अब उनके हाथ में होगी।
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गौरीशंकर श्रीवास (अध्यक्ष, शिल्पी कल्याण बोर्ड): भाजपा के वरिष्ठ और मुखर नेता गौरीशंकर श्रीवास को शिल्पी कल्याण बोर्ड की कमान सौंपी गई है। परंपरागत शिल्पकारों के उत्थान के लिए यह अहम पद है।
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श्रीमती आरिफा खान (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी): अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधित्व को मजबूत करते हुए इन्हें उर्दू अकादमी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
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नरेश गुप्ता (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य सिंधी अकादमी): सिंधी समुदाय की संस्कृति और भाषा के संवर्धन के लिए इन्हें अकादमी का नया प्रमुख बनाया गया है।
महत्वपूर्ण बोर्ड और आयोगों में अन्य बड़ी तैनातियां
सरकार ने अन्य पिछड़े वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC) और व्यापारिक जगत को संतुलित करने के लिए निम्नलिखित कद्दावर नेताओं को जिम्मेदारी दी है:
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अशोक बजाज: छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण में अहम सदस्य नियुक्त।
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संतोष बाफना: बस्तर क्षेत्र के कद्दावर नेता, जिन्हें पर्यटन और स्थानीय विकास से जुड़े बोर्ड में जिम्मेदारी मिली है।
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राकेश चतुर्वेदी: राज्य वन विकास निगम (Forest Development Corporation) में महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त।
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रामजी भारती: छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग (SC Commission) में अहम जिम्मेदारी दी गई है।
आयोगों और बोर्डों में सदस्यों की नई टीम
बोर्डों को पूरी तरह सक्रिय करने के लिए अध्यक्षों के साथ उपाध्यक्ष और सदस्यों की टीम भी घोषित की गई है:
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महिला आयोग: अध्यक्ष ममता साहू के साथ सहयोग के लिए डॉ. रीता शांडिल्य और श्रीमती सरोजनी राठौर को सदस्य बनाया गया है।
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उर्दू अकादमी: अध्यक्ष आरिफा खान के साथ हाजी रज्जाक खान और शब्बीर खान को सदस्य मनोनीत किया गया है।
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शिल्पी कल्याण बोर्ड: गौरीशंकर श्रीवास के नेतृत्व वाली टीम में रामकुमार विश्वकर्मा और लखन लाल जांगड़े को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
नियुक्ति के सियासी मायने (त्वरित विश्लेषण): मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस सूची से साफ है कि सरकार ने जमीनी कार्यकर्ताओं को तवज्जो दी है। विधानसभा का आगामी मानसून सत्र 13 जुलाई से शुरू हो रहा है, और उससे ठीक पहले इन खाली पदों को भरकर सरकार ने पार्टी के भीतर नया जोश भरने और विपक्ष के हमलों के बीच कार्यकर्ताओं को मजबूत करने का बड़ा दांव खेला है।
