रायपुर : राज्य सरकार के नीतिगत सुधारों एवं नवाचारों से राजस्व प्रशासन में आया सकारात्मक बदलाव : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
रायपुर, 07 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा किए जा रहे प्रशासनिक सुधारों, तकनीक आधारित नवाचारों तथा नागरिकों एवं किसानों को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन के कड़े निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य सरकार की नीति राजस्व प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह एवं भ्रष्टाचारमुक्त बनाना है। राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
📱 अब व्हाट्सएप पर मिलेंगी भूमि संबंधी जानकारियां
बैठक में ‘डिजिटल किसान किताब’ एवं भूमि संबंधी दस्तावेजों के डिजिटलीकरण की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसानों को बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका तथा भूमि संबंधी अन्य जानकारी व्हाट्सएप (WhatsApp) के माध्यम से सहज रूप से उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाए। इससे किसानों को तहसील अथवा पटवारी कार्यालय के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
💻 ‘वसुंधरा’ परियोजना से नकल शाखा होगी पूर्णतः ऑनलाइन
बैठक में VASUNDHARA (Verified Accessible System for Unified Digital Land Records & Historical Archives) परियोजना की भी समीक्षा की गई।
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इस परियोजना के अंतर्गत राज्य के सभी जिला एवं तहसील कार्यालयों के महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेखों का एकीकृत डिजिटल अभिलेखागार विकसित किया जाएगा।
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इसके प्रभावी क्रियान्वयन से प्रमाणित अभिलेखों का निर्गमन कुछ ही मिनटों में संभव होगा।
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डिजिटल व्यवस्था होने से अभिलेखों में छेड़छाड़ की संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
⚖️ पेंडिंग केस और सीमांकन पर जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री ने लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर विशेष बल दिया:
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आरबीसी 6-4 प्रकरण: आरबीसी 6-4 के प्रकरणों का त्वरित एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने को कहा गया। इसकी ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने पर आवेदक स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
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अविवादित फौती नामांतरण: इस प्रक्रिया को पंचायतों के माध्यम से संपादित करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
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सीमांकन: समय-सीमा से बाहर लंबित प्रकरणों की जिला-वार नियमित समीक्षा की जाएगी।
🗺️ अबूझमाड़ में सर्वेक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने असर्वेक्षित ग्रामों, विशेषकर अबूझमाड़ क्षेत्र में सर्वेक्षण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इससे स्थानीय नागरिकों को भूमि अभिलेख अद्यतन होने के बाद शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा। इसके साथ ही धमतरी, अंबिकापुर एवं जगदलपुर में चल रहे नक्शा परियोजना के पायलट कार्य को दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
🚗 राजस्व विभाग में रिक्त पदों पर जल्द होगी भर्ती
प्रशासनिक कसावट लाने के लिए मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग में पटवारी, राजस्व निरीक्षक, लिपिक एवं अन्य रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही तहसीलों के अधोसंरचना विकास तथा तहसीलदारों के लिए आवश्यक वाहन उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।
साइबर तहसील व्यवस्था पर चर्चा: छत्तीसगढ़ में अब ‘साइबर तहसील’ व्यवस्था लागू करने की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई है, जिसके माध्यम से अविवादित नामांतरण और बंटवारा जैसी सेवाएं केंद्रीकृत एवं पूर्णतः ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
बैठक में ये रहे उपस्थित: इस उच्चस्तरीय बैठक में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
