छत्तीसगढ़ वन विभाग में बड़ा बदलाव: अब ई-ऑफिस व्यवस्था अनिवार्य, बिना अनुमति नहीं चलेगी कोई फिजिकल फाइल
रायपुर: छत्तीसगढ़ में सुशासन और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने की दिशा में साय सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने वन विभाग के सभी स्तर के कार्यालयों में ई-ऑफिस (E-Office) व्यवस्था का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। अब विभाग के मुख्यालय से लेकर सुदूर फील्ड कार्यालयों तक सारा कामकाज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ही संचालित होगा।
बिना अनुमति फिजिकल फाइल चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कड़े लहजे में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विभाग प्रमुख (HOD) की पूर्व अनुमति के बिना अब किसी भी स्तर पर फिजिकल फाइल (कागजी फाइल) संचालित नहीं की जाएगी।
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विभाग के मुख्यालय, वृत्त (Circles), वनमंडल (Divisions) और सभी फील्ड कार्यालयों में फाइलों और डाक का आदान-प्रदान अब अनिवार्य रूप से ई-ऑफिस के जरिए ही होगा।
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सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को दफ्तर के रोजमर्रा के कार्यों के निष्पादन के लिए अनिवार्य रूप से डिजिटल माध्यम का उपयोग करना होगा।
पारदर्शिता आएगी और फाइलों के निपटारे में मिलेगी सुपर स्पीड
मंत्री श्री कश्यप ने इस व्यवस्था के फायदों को रेखांकित करते हुए कहा कि ई-ऑफिस सिस्टम लागू होने से विभाग की कार्यप्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव आएगा:
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त्वरित निर्णय: फाइलों के टेबल-दर-टेबल घूमने में होने वाला समय बचेगा, जिससे महत्वपूर्ण फाइलों का निपटारा तेजी से होगा।
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पारदर्शिता और जवाबदेही: कौन सी फाइल किस अधिकारी के पास और कितने समय से लंबित है, इसकी ऑनलाइन निगरानी (Live Tracking) आसानी से संभव होगी।
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भ्रष्टाचार पर लगाम: पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी होने से अनावश्यक विलंब कम होगा और आम नागरिकों व वन विभाग से जुड़े मामलों का समयबद्ध निराकरण हो सकेगा।
मुख्यमंत्री के सुशासन के विजन को मिलेगी गति
वन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और तकनीक आधारित प्रशासन (Tech-driven Administration) को लगातार बढ़ावा दे रही है। वन विभाग में ई-ऑफिस का पूर्ण क्रियान्वयन इसी कड़ी का एक हिस्सा है, जिससे विभाग पूरी तरह पेपरलेस और हाईटेक बनेगा। उन्होंने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ कार्यालयों में इस व्यवस्था के शत-प्रतिशत पालन की नियमित समीक्षा करें।
