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रायपुर, 3 जुलाई 2026: छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों को एक बड़ी और ऐतिहासिक राहत दी है। विभाग ने जिला अस्पतालों में होने वाली 137 प्रकार की पैथोलॉजी जांचों के लिए ‘टर्न अराउंड टाइम’ (TAT) यानी रिपोर्ट मिलने की समय-सीमा अनिवार्य रूप से निर्धारित कर दी है। इस फैसले के बाद अब मरीजों को अपनी जांच रिपोर्ट के लिए घंटों या दिनों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
1 घंटे में मिलेगी सामान्य यूरिन और ब्लड रिपोर्ट
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, मरीजों को सामान्य यूरिन (पेशाब) और ब्लड (खून) जांच की रिपोर्ट अधिकतम 1 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस कदम से न केवल मरीजों का समय बचेगा, बल्कि डॉक्टरों को भी तुरंत रिपोर्ट मिलने से गंभीर मरीजों का इलाज समय पर शुरू करने में मदद मिलेगी।
देरी होने पर होगी सख्त कार्रवाई
सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए सख्त रुख अपनाया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि तय की गई समय-सीमा से अधिक की देरी होती है, तो संबंधित अस्पताल प्रबंधन और लैब प्रभारी (Laboratory In-charge) के खिलाफ सीधी जवाबदेही तय की जाएगी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
यह फैसला प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को अधिक सुदृढ़ और नागरिक-अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
