छत्तीसगढ़ में भी मिलेगी मुंबई-बेंगलुरु जैसी फ्रेश क्राफ्ट बीयर, सरकार ने दी ‘माइक्रो ब्रुअरी’ नीति को हरी झंडी
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और युवाओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। अब छत्तीसगढ़ के बड़े शहरों में भी मुंबई, पुणे और बेंगलुरु की तर्ज पर फ्रेश क्राफ्ट बीयर (विभिन्न नेचुरल फ्लेवर्स वाली बीयर) बेची जा सकेगी। राज्य सरकार ने प्रदेश में माइक्रो ब्रुअरी (Micro Brewery) खोलने की नई आबकारी नीति को हरी झंडी दे दी है।
क्या होती है माइक्रो ब्रुअरी?
माइक्रो ब्रुअरी एक तरह का छोटा प्लांट होता है, जहाँ होटल, रेस्टोरेंट या बार के भीतर ही मशीनों के जरिए फ्रेश बीयर तैयार की जाती है। इसमें किसी बोतल या कैन की पैकेजिंग नहीं होती, बल्कि सीधे ग्राहकों को ताजा और अलग-अलग फ्लेवर (जैसे मैंगो, चॉकलेट, एप्पल आदि) की बीयर परोसी जाती है।
लाइसेंस और नियम व शर्तें:
सरकार ने माइक्रो ब्रुअरी खोलने के इच्छुक आवेदकों के लिए कड़े और स्पष्ट नियम तय किए हैं:
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लाइसेंस फीस: राज्य में माइक्रो ब्रुअरी का लाइसेंस लेने के लिए सालाना ₹10 लाख की फीस निर्धारित की गई है।
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जगह की अनिवार्यता: इस प्लांट को स्थापित करने के लिए आवेदक के पास न्यूनतम 4,000 वर्ग फीट की व्यावसायिक जगह होना अनिवार्य है।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा: सरकार का मानना है कि इस फैसले से राज्य के पर्यटन उद्योग और नाइटलाइफ़ को एक नया बूस्ट मिलेगा, साथ ही सरकार के राजस्व (Revenue) में भी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।
