छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की तैयारी तेज, पूर्व जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में हाई पावर कमेटी गठित
June 26, 2026 upi24 news
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने UCC के अध्ययन, सुझाव और प्रारूप तैयार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय हाई पावर कमेटी का गठन किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से समिति के गठन की जानकारी साझा की है। यह समिति राज्य में UCC लागू करने की संभावनाओं का अध्ययन करते हुए विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
समिति करेगी इन विषयों का अध्ययन
हाई पावर कमेटी विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण सहित अन्य नागरिक मामलों से जुड़े वर्तमान कानूनों की समीक्षा करेगी। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों, नागरिकों और अन्य हितधारकों से सुझाव लेकर समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार किया जाएगा।
समिति उन राज्यों के अनुभवों और व्यवस्थाओं का भी अध्ययन करेगी, जहां UCC लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है या लागू किया जा चुका है।
रिपोर्ट के आधार पर आगे होगा फैसला
समिति अपनी रिपोर्ट और अनुशंसाएं राज्य सरकार को सौंपेगी। इसके बाद सरकार आवश्यक विधायी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करते हुए UCC लागू करने पर अंतिम निर्णय लेगी।
यदि समान नागरिक संहिता लागू होती है, तो विवाह, तलाक, संपत्ति के उत्तराधिकार, गोद लेने और भरण-पोषण जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू होगा। इससे विभिन्न धर्मों के अलग-अलग पर्सनल लॉ की व्यवस्था समाप्त हो सकती है।
हाई पावर कमेटी के सदस्य
- पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई – अध्यक्ष
- रघुबन सिंह (सेवानिवृत्त IAS) – सदस्य
- एम.के. राऊत (सेवानिवृत्त IAS) – सदस्य
- मोहन पवार (वरिष्ठ अधिवक्ता) – सदस्य
- ज्योति रानी सिंह (सेवानिवृत्त प्राचार्या) – सदस्य
समिति की प्रमुख जिम्मेदारियां
- राज्य में UCC लागू करने की कानूनी स्थिति का अध्ययन करना।
- विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और दत्तक ग्रहण से जुड़े कानूनों की समीक्षा करना।
- नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विधि विशेषज्ञों से सुझाव प्राप्त करना।
- अन्य राज्यों के UCC मॉडल का अध्ययन करना।
- समान नागरिक संहिता का प्रारूप तैयार कर सरकार को सौंपना।
- आवश्यक विधायी एवं प्रशासनिक अनुशंसाएं देना।

