असम-बांग्लादेश सीमा पर तनाव शांत: फ्लैग मीटिंग के बाद अगवा भारतीय युवक रंजीत दास सुरक्षित वापस लौटा
कछार/गुवाहाटी: असम-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पिछले कुछ घंटों से जारी तनाव अब पूरी तरह शांत हो गया है। असम के कछार जिले की सीमा से बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा अगवा किए गए भारतीय युवक रंजीत दास को सुरक्षित वापस भारत सौंप दिया गया है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) और बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (BGB) के बीच हुई एक आपातकालीन फ्लैग मीटिंग के बाद यह सफलता मिली।
कूटनीतिक और सैन्य सूझबूझ से सुलझा मामला
युवक के अपहरण के बाद सीमावर्ती इलाकों में भारी तनाव फैल गया था, जिसे देखते हुए सीमा सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभाला। दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग बुलाई गई, जिसमें भारत ने कड़ा रुख अपनाया। इसके बाद बांग्लादेशी अधिकारियों ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रंजीत दास को भारतीय सुरक्षा बलों के हवाले कर दिया।
क्या था पूरा मामला?
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सीमा से हुआ था अपहरण: कछार जिले के सीमावर्ती इलाके से कुछ बांग्लादेशी उपद्रवियों ने भारतीय नागरिक रंजीत दास का अपहरण कर लिया था और उसे अंतरराष्ट्रीय सीमा पार ले गए थे।
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इलाके में बढ़ा तनाव: इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और सीमा पर सुरक्षा को लेकर तनाव की स्थिति निर्मित हो गई थी।
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BSF की त्वरित कार्रवाई: बीएसएफ के आला अधिकारियों ने बिना वक्त गंवाए बांग्लादेशी समकक्षों (BGB) से संपर्क साधा और फ्लैग मीटिंग के जरिए युवक की सुरक्षित और त्वरित वापसी सुनिश्चित की।
