सुप्रीम कोर्ट: आधार कार्ड के इस्तेमाल को लेकर अहम सुनवाई आज; पहचान बनाम एड्रेस प्रूफ के दायरे पर होगा फैसला
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में आज आधार कार्ड की वैधता, उसके उपयोग के दायरे और उसकी कानूनी सीमाओं को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण याचिका पर सुनवाई होनी है। शीर्ष अदालत का यह फैसला देश के करोड़ों नागरिकों और सरकारी व निजी प्रणालियों में इसके इस्तेमाल के तरीकों पर बड़ा असर डाल सकता है।
याचिका का मुख्य दावा: केवल पहचान के लिए हो उपयोग
दाखिल की गई याचिका में आधार कार्ड के मौजूदा इस्तेमाल पर गंभीर कानूनी सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता का मुख्य दावा है कि:
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प्रमाणिकता का उल्लंघन: वर्तमान में आधार कार्ड का इस्तेमाल एड्रेस प्रूफ (पते का प्रमाण) और जन्मतिथि (DOB) के पक्के सबूत के तौर पर धड़ल्ले से किया जा रहा है।
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प्राथमिक उद्देश्य: याचिका में तर्क दिया गया है कि आधार अधिनियम के तहत इसका प्राथमिक और एकमात्र उपयोग केवल व्यक्ति की विशिष्ट पहचान (Identity Verification) प्रमाणित करने के लिए होना चाहिए, न कि इसे हर दस्तावेज का विकल्प बनाया जाए।
क्यों महत्वपूर्ण है यह सुनवाई?
निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों में सिम कार्ड खरीदने, बैंक खाता खुलवाने से लेकर विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने तक के लिए आधार को अनिवार्य या प्राथमिक दस्तावेज मान लिया गया है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट इस बात की व्याख्या कर सकता है कि क्या आधार को नागरिकता, पते या उम्र का वैध कानूनी दस्तावेज माना जा सकता है या इसे केवल बायोमेट्रिक पहचान तक ही सीमित रखा जाना चाहिए।
इस मामले की सुनवाई पर कानूनी विशेषज्ञों के साथ-साथ आम जनता की भी नजरें टिकी हुई हैं।
