रायपुर: विशेष लेख: श्रम का सम्मान, मजदूरों का कल्याण – दीनदयाल उपाध्याय योजना से खुशहाली का नया सवेरा
दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर कल्याण योजना से आया खुशहाली का नया सवेरा
लेखक: विष्णु प्रसाद वर्मा (सहायक संचालक)
रायपुर, 15 जून 2026: दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रही एक प्रमुख कल्याणकारी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य कृषि पर निर्भर उन भूमिहीन परिवारों को आर्थिक संबल और सुरक्षा प्रदान करना है, जिनके पास कोई कृषि योग्य भूमि नहीं है। इसके तहत राज्य के भूमिहीन खेतिहर मजदूरों को प्रति वर्ष 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
यह एक ऐसी दूरदर्शी योजना है, जो सीधे उन हाथों को मजबूत कर रही है जो खेतों में दिन-रात पसीना बहाकर देश के अन्न भंडार भरते हैं। यह सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के भूमिहीन परिवारों के जीवन में आर्थिक स्थिरता और स्वाभिमान लाने की एक अनूठी पहल है।
अनिश्चितता से सुरक्षा की ओर बढ़ते कदम
हमारे ग्रामीण कृषि मजदूरों के पास जब अपनी जमीन नहीं होती, तो उनकी आजीविका पूरी तरह से मौसम, फसलों के चक्र और दैनिक मजदूरी पर निर्भर हो जाती है। विशेषकर जब खेतों में काम नहीं होता (ऑफ-सीजन), तब इन परिवारों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है।
इसी अनिश्चितता को दूर करने और उनके परिवारों की शुद्ध वार्षिक आय में वृद्धि करके उन्हें एक मजबूत सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा कवच देने के उद्देश्य से, सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-2025 में इस कल्याणकारी योजना की शुरुआत की गई है।
क्यों खास है यह योजना?
इस योजना का खाका ग्रामीण समाज के सबसे कमजोर और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को ध्यान में रखकर खींचा गया है। इस आर्थिक सहायता के जरिए मजदूरों को स्थानीय साहूकारों के महंगे कर्ज के जाल से बचाकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
योजना के अंतर्गत प्रत्येक चिन्हित पात्र परिवार को हर साल 10,000 रुपए की आर्थिक सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है, जिससे पूरी पारदर्शिता बनी रहती है और बिचौलियों या दलालों की भूमिका खत्म हो जाती है।
वर्ष 2026 में 4.95 लाख से अधिक हितग्राही लाभान्वित
योजना के आंकड़े इसकी शानदार सफलता की गवाही देते हैं:
| विवरण / वर्ष | वर्ष 2025 | वर्ष 2026 |
| कुल लाभान्वित हितग्राही | 5,62,112 | 4,95,965 |
| कुल जारी राशि (DBT) | ₹562 करोड़ 11 लाख | ₹495 करोड़ 96 लाख |
| विशेष वर्ग (बैगा-गुनिया परिवार) | – | 22,028 परिवार शामिल |
नोट: वर्तमान में आगामी किस्तों को बिना किसी तकनीकी रुकावट के भेजने के लिए वर्ष 2025-26 के पात्र हितग्राहियों का भौतिक सत्यापन एवं e-KYC (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।
पात्रता और आवेदन की सरल प्रक्रिया
लाभ लेने के लिए आवश्यक शर्तें:
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आवेदक परिवार मूल रूप से ग्रामीण क्षेत्र का निवासी होना चाहिए।
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परिवार पूरी तरह से भूमिहीन हो (नाम पर कोई कृषि भूमि दर्ज न हो)।
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आजीविका का मुख्य साधन अनिवार्य रूप से कृषि मजदूरी होना चाहिए।
आवेदन कैसे करें?
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ऑफलाइन प्रक्रिया: पंचायत, जनपद या विकासखंड (ब्लॉक) कार्यालय से निर्धारित फॉर्म प्राप्त कर, उसे भरकर ग्राम पंचायत के सचिव या ग्राम रोजगार सहायक के पास जमा कर सकते हैं।
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ऑनलाइन प्रक्रिया: हितग्राही योजना के आधिकारिक वेब पोर्टल के माध्यम से या अपने नजदीकी ग्राहक सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर आवेदन दर्ज करा सकते हैं।
अनिवार्य दस्तावेज:
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परिवार के सदस्यों का पहचान पत्र (आधार कार्ड)
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डीबीटी इनेबल्ड (DBT Enabled) बैंक पासबुक की फोटोकॉपी
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लिंक मोबाइल नंबर
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ग्राम पंचायत द्वारा जारी निवास/मजदूर होने का सत्यापन पत्र
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राजस्व विभाग (पटवारी) द्वारा जारी भूमिहीन होने का प्रमाण पत्र
