छत्तीसगढ़ में डिप्टी सीएम अरुण साव का कड़ा एक्शन: रेलवे ओवरब्रिज निर्माण में लेटलतीफी पर ठेकेदार को नोटिस, निरीक्षण के दौरान लगाई थी फटकार

रायपुर, 12 जून 2026।

छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण (PWD) मंत्री श्री अरुण साव के कड़े निर्देश के बाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर बन रहे रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के निर्माण कार्य में लापरवाही और धीमी प्रगति को लेकर निर्माण एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

डिप्टी सीएम अरुण साव ने अपने हालिया बस्तर प्रवास के दौरान 6 जून को इस प्रोजेक्ट का औचक निरीक्षण किया था, जहां काम की कछुआ गति को देखकर उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदार की क्लास लगाई थी।

69 करोड़ से अधिक की लागत से बन रहा है ओवरब्रिज

बस्तर जिले के केशलूर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (NH-30) पर केशलूर-जगदलपुर मार्ग में किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे लाइन के ऊपर इस फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की कुल लागत 69 करोड़ 36 लाख रुपये है। बस्तर क्षेत्र के सुगम यातायात के लिए यह ओवरब्रिज बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के चलते यह काम तय समय से काफी पिछड़ गया है।


साइट मिलने के बाद भी मैन-पॉवर और मशीनरी की कमी

लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता ने निर्माण एजेंसी मेसर्स अशोक कुमार मित्तल को कड़ा नोटिस थमाया है। नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि:

  • विभाग द्वारा कार्यस्थल (साइट) पूरी तरह उपलब्ध कराए जाने के बावजूद ठेकेदार द्वारा पर्याप्त मैन-पॉवर, मटेरियल और मशीनरी की व्यवस्था नहीं की गई।

  • बार-बार निर्देश और चेतावनी दिए जाने के बाद भी अलग-अलग चरणों के समयबद्ध लक्ष्यों (Milestones) को हासिल नहीं किया जा सका, जो कि बेहद असंतोषजनक है।


सुधार नहीं होने पर होगी ब्लैकलिस्ट और कड़ी कार्रवाई

नोटिस में तेलगु और बस्तर क्षेत्र के इस अहम मार्ग पर काम को जल्द से जल्द पटरी पर लाने की चेतावनी दी गई है। मुख्य अभियंता ने ठेकेदार को तुरंत पर्याप्त संसाधन जुटाकर प्रोजेक्ट की गति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि आगामी दिनों में काम की प्रगति में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं देखा गया, तो अनुबंध के कड़े प्रावधानों के तहत ठेकेदार के विरुद्ध भारी जुर्माना लगाने या उसे ब्लैकलिस्ट करने जैसी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।