सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ी: अब 33 की जगह 38 जज करेंगे कार्यभार

न्यायिक लंबित मामलों को कम करने और सुनवाई प्रक्रिया तेज करने की दिशा में बड़ा कदम

नई दिल्ली, 18 मई 2026।
देश की सर्वोच्च अदालत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया है। अब सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 38 कर दी गई है।

इस फैसले को न्यायपालिका में लंबित मामलों के तेजी से निपटारे और सुनवाई प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बढ़ते मामलों के बीच लिया गया फैसला

पिछले कुछ वर्षों में सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ती रही है। संवैधानिक मामलों, जनहित याचिकाओं और विभिन्न राज्यों से आने वाली अपीलों के कारण अदालतों पर कार्यभार बढ़ा है।

ऐसे में जजों की संख्या बढ़ाने से मामलों की सुनवाई में तेजी आने और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है।

न्याय व्यवस्था को मिलेगा बल

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम Court में अतिरिक्त जजों की नियुक्ति से —

  • लंबित मामलों का बोझ कम होगा
  • संवैधानिक पीठों का गठन आसान होगा
  • महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई तेजी से हो सकेगी
  • आम लोगों को समय पर न्याय मिलने में मदद मिलेगी

पहले कितनी थी संख्या

अब तक सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश (CJI) समेत कुल 34 पद स्वीकृत थे, जिनमें प्रभावी कार्यरत संख्या 33 मानी जा रही थी। नए निर्णय के बाद अब कुल संख्या बढ़ाकर 38 कर दी गई है।

सरकार के इस कदम को न्यायिक सुधारों की दिशा में बड़ा निर्णय माना जा रहा है।