महिला आरक्षण कानून लागू – देर रात नोटिफिकेशन जारी, विपक्ष ने परिसीमन पर सवाल उठाए

नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण कानून को लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए देर रात आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस फैसले के साथ ही लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करने का रास्ता साफ हो गया है।

सरकार का कहना है कि यह कदम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने और निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। हालांकि, इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विपक्ष ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

विपक्ष का विरोध: परिसीमन पर उठे सवाल

विपक्षी दलों का कहना है कि महिला आरक्षण कानून को लागू करने से पहले परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है। उनका आरोप है कि सरकार बिना स्पष्ट समयसीमा के केवल राजनीतिक लाभ के लिए यह कदम उठा रही है।

कई विपक्षी नेताओं ने मांग की है कि सरकार यह स्पष्ट करे कि परिसीमन कब तक पूरा होगा और आरक्षण वास्तविक रूप से कब लागू होगा। उनका कहना है कि बिना परिसीमन के यह कानून केवल कागजों तक सीमित रह सकता है।

सरकार का पक्ष

सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कानून के प्रावधानों के अनुसार ही इसे लागू किया जाएगा। संबंधित प्रक्रियाएं पूरी होते ही आरक्षण का लाभ महिलाओं को मिलना शुरू हो जाएगा।

क्या होगा आगे?

विशेषज्ञों के अनुसार, महिला आरक्षण कानून का वास्तविक प्रभाव तब देखने को मिलेगा जब परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद ही नई सीटों का निर्धारण और आरक्षण लागू किया जा सकेगा।

यह फैसला भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आने वाले समय में महिलाओं की भागीदारी में बड़ा इजाफा हो सकता है।