अबूझमाड़ के 239 गांवों में पहली बार प्रशासन पहुंचा, लोगों को जमीन-मकान का मालिकाना हक मिलेगा

छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ क्षेत्र में पहली बार प्रशासन की पहुंच 239 गांवों तक हुई है। यह कदम लंबे समय से मुख्यधारा से दूर रहे इस इलाके के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

प्रशासन की पहल के तहत इन गांवों में रहने वाले लोगों को जमीन और मकान का मालिकाना हक देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इससे स्थानीय निवासियों को कानूनी अधिकार मिलने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ भी मिल सकेगा।

अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में विकास को गति देना और लोगों को उनके अधिकारों से जोड़ना है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच भी बेहतर होगी।

स्थानीय लोगों के लिए यह पहल ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि अब तक वे भूमि के वैध दस्तावेजों से वंचित थे। मालिकाना हक मिलने से उनके जीवन स्तर में सुधार और आर्थिक स्थिरता आने की उम्मीद है।

प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में इस तरह की पहल को और व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा में लाया जा सके।