राज्य में 4.7 लाख इंजीनियर-एमबीए बेरोजगार, हर साल बढ़ रही संख्या

राज्य में शिक्षित बेरोजगारी एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। आंकड़ों के अनुसार, करीब 4.7 लाख इंजीनियर और एमबीए डिग्रीधारक युवा वर्तमान में बेरोजगार हैं।

चिंताजनक बात यह है कि हर साल यह संख्या लगातार बढ़ रही है। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार नहीं मिल पा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे कई कारण हैं, जिनमें इंडस्ट्री की मांग और शिक्षा प्रणाली के बीच अंतर, स्किल गैप और सीमित जॉब अवसर शामिल हैं। इसके अलावा, तेजी से बढ़ती ग्रेजुएट संख्या भी रोजगार बाजार पर दबाव बढ़ा रही है।

युवाओं का कहना है कि डिग्री हासिल करने के बाद भी उन्हें उपयुक्त अवसर नहीं मिल रहे, जिससे निराशा का माहौल बन रहा है।

इस स्थिति को सुधारने के लिए स्किल-बेस्ड ट्रेनिंग, इंडस्ट्री-एकेडमिक सहयोग और नए रोजगार अवसरों के सृजन पर जोर देने की आवश्यकता बताई जा रही है।