बीरगांव निगम सभा में हंगामा, 10.89 लाख लाभ का बजट सर्वसम्मति से पारित
रायपुर।
बीरगांव नगर निगम की सामान्य सभा बैठक में सोमवार को राशन कार्ड और पट्टा वितरण के मुद्दे पर जमकर हंगामा देखने को मिला। पक्ष और विपक्ष के पार्षदों के बीच तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला, जिसके चलते बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
हंगामे के बीच महापौर नंदलाल देवांगन ने निगम का वार्षिक बजट पेश किया। कुल 158 करोड़ 19 लाख 47 हजार रुपए का बजट प्रस्तुत किया गया, जिसमें 10 लाख 89 हजार रुपए का लाभ दर्शाया गया है। यह बजट अंततः सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
प्रमुख बजट प्रस्ताव
- जल आवर्धन योजना के लिए 7 करोड़ रुपए
- दो नई पानी टंकियों के निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपए
- स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत 6 करोड़ रुपए
- मुख्यमंत्री नगरोंत्थान योजना के लिए 43 करोड़ रुपए
- अधोसंरचना विकास के लिए 2 करोड़ रुपए
- मुक्तिधाम सौंदर्यीकरण के लिए 1 करोड़ रुपए
- सड़कों और नालियों के निर्माण हेतु 11 करोड़ रुपए
- अटल पेंशन योजना के लिए 1.15 करोड़ रुपए
- ओवरब्रिज निर्माण के लिए 9 करोड़ रुपए
इसके अलावा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मितानिन और स्वच्छता दीदियों को 1500 से 2000 रुपए प्रोत्साहन राशि देने का प्रस्ताव शासन को भेजने की बात कही गई।
बैठक में विवाद
बैठक करीब तीन घंटे तक चली, जिसमें लगातार नारेबाजी और विरोध होता रहा। प्रश्नकाल में सवाल शामिल न करने पर पार्षदों ने आपत्ति जताई और निगम प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
स्थिति बिगड़ने पर सभापति ने बैठक को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया, जिसके बाद पुनः कार्यवाही शुरू की गई।
मुख्य मुद्दे
- राशन कार्ड बनाने के नियम
- पट्टा वितरण की प्रक्रिया
- राज्य सरकार से प्राप्त निधियों की जानकारी
इन मुद्दों पर पार्षदों, एमआईसी सदस्यों और विधायक प्रतिनिधि के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
हंगामे के बावजूद निगम का बजट पारित हो गया, लेकिन बैठक ने नगर निगम की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गंभीर मतभेदों को उजागर कर दिया।
