मनरेगा में बड़ा घोटाला उजागर: 11,302 पंचायतों में 151 करोड़ फर्जी भुगतान, 20 करोड़ गबन

देशभर में लागू महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि 11,302 पंचायतों में 151 करोड़ रुपये के फर्जी भुगतान किए गए, जबकि करीब 20 करोड़ रुपये के गबन का मामला भी सामने आया है।

क्या है पूरा मामला?

  • हजारों पंचायतों में फर्जी जॉब कार्ड और मस्टर रोल का इस्तेमाल
  • बिना काम के ही मजदूरी भुगतान दिखाया गया
  • रिकॉर्ड में हेरफेर कर सरकारी धन का दुरुपयोग

कैसे हुआ खुलासा?

  • ऑडिट और डिजिटल डेटा जांच के दौरान अनियमितताएं पकड़ी गईं
  • कई जगहों पर ग्राउंड वेरिफिकेशन में काम नहीं मिला
  • भुगतान और कार्य रिकॉर्ड में भारी अंतर पाया गया

कितना बड़ा है घोटाला?

  • ₹151 करोड़: फर्जी भुगतान
  • ₹20 करोड़: सीधे गबन के मामले
  • 11,302 पंचायतें: जांच के दायरे में

सरकार की कार्रवाई

  • संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई शुरू
  • फर्जी भुगतान की रिकवरी प्रक्रिया
  • भविष्य में गड़बड़ी रोकने के लिए सख्त मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने की तैयारी

प्रभाव और सवाल

  • गरीब मजदूरों के अधिकारों पर असर
  • सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता पर सवाल
  • निगरानी और पारदर्शिता की कमी उजागर

मनरेगा जैसे बड़े सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम में इस स्तर का घोटाला गंभीर चिंता का विषय है। अब देखना होगा कि जांच और कार्रवाई कितनी प्रभावी होती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।