जिला अस्पताल में लापरवाही: गंदगी पर कलेक्टर नाराज, सिविल सर्जन को नोटिस; वेतन-वृद्धि रोकी, हीटवेव तैयारी के निर्देश
जिला मुख्यालय से रिपोर्ट
जिला अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान अव्यवस्था और गंदगी पाए जाने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई। निरीक्षण में वार्ड, इमरजेंसी और परिसर में साफ-सफाई की कमी तथा बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन में लापरवाही सामने आई।
प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से सिविल सर्जन को कारण बताओ नोटिस जारी किया और उनकी वेतन-वृद्धि (इन्क्रिमेंट) रोकने का आदेश दिया।
निरीक्षण में क्या मिला?
- वार्डों में अपर्याप्त सफाई
- शौचालयों की खराब स्थिति
- बायो-मेडिकल वेस्ट का अनुचित निपटान
- दवाओं/उपकरणों के रिकॉर्ड में अनियमितता
कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन से 48 घंटे में सुधारात्मक कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
सख्त प्रशासनिक कार्रवाई
- सिविल सर्जन को नोटिस
- वेतन-वृद्धि अस्थायी रूप से रोकी
- संबंधित स्टाफ से स्पष्टीकरण तलब
- नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मरीजों की सुरक्षा और स्वच्छता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हीटवेव की तैयारी के निर्देश
गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए कलेक्टर ने अस्पताल प्रशासन को हीटवेव प्रबंधन के विशेष निर्देश दिए:
- अतिरिक्त बेड और ORS की उपलब्धता
- शीतल पेयजल और कूलिंग व्यवस्था
- आपातकालीन वार्ड में स्टाफ की तैनाती
- एम्बुलेंस और रेफरल सिस्टम की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग को संभावित लू (Heat Stroke) के मामलों से निपटने के लिए विशेष प्रोटोकॉल लागू करने को कहा गया है।
जनस्वास्थ्य पर फोकस
विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी के मौसम में अस्पतालों की तैयारी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। स्वच्छता और संसाधनों की उपलब्धता सीधे मरीजों की सुरक्षा से जुड़ी होती है।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि अन्य स्वास्थ्य संस्थानों का भी औचक निरीक्षण किया जाएगा।
निष्कर्ष
जिला अस्पताल में पाई गई लापरवाही पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नोटिस और वेतन-वृद्धि रोकने जैसी कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता है।
हीटवेव को देखते हुए तैयारी तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
