विधानसभा में बजट पर हंगामा: वित्त मंत्री की देरी पर विपक्ष का तंज, “आलू योजना” और “चूहे” टिप्पणी पर तीखी बहस
रायपुर से रिपोर्ट |
राज्य विधानसभा में बजट पेश होने के दौरान तीखा हंगामा देखने को मिला। वित्त मंत्री के निर्धारित समय से देरी से पहुंचने पर विपक्ष ने सदन में जोरदार विरोध दर्ज कराया और इसे “सरकार की गंभीरता की कमी” बताया।
सदन में “आलू योजना” और “चूहे” टिप्पणी को लेकर भी सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बहस उस समय और तेज हो गई जब पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने बजट पर तंज कसते हुए कहा कि “यह बजट ChatGPT से लिखवाया गया लगता है।”
देरी पर विपक्ष का हमला
विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री समय पर सदन में उपस्थित नहीं हुए, जो बजट जैसे महत्वपूर्ण अवसर के लिए उचित नहीं है।
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कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित
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अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना पड़ा
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सत्तापक्ष ने देरी को “प्रक्रियात्मक कारण” बताया
“आलू योजना” और “चूहे” टिप्पणी पर विवाद
बजट चर्चा के दौरान एक कथित “आलू योजना” संदर्भ और “चूहे” टिप्पणी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ योजनाओं का प्रस्तुतीकरण “अव्यावहारिक” है, जबकि सत्तापक्ष ने इसे “विकास विरोधी मानसिकता” करार दिया।
सदन में कई बार शोर-शराबे की स्थिति बनी, जिससे कार्यवाही प्रभावित हुई।
पूर्व CM का बयान
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बजट में “मौलिकता की कमी” दिखती है और इसे “तकनीकी टूल से तैयार दस्तावेज” जैसा बताया।
हालांकि सत्तापक्ष ने इस बयान को “राजनीतिक टिप्पणी” बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि बजट व्यापक परामर्श के बाद तैयार किया गया है।
राजनीतिक विश्लेषण
विशेषज्ञों का मानना है कि बजट सत्र अक्सर राजनीतिक रणनीति का मंच बन जाता है।
इस बार विवाद के मुख्य कारण:
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प्रक्रियात्मक देरी
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योजनाओं की व्याख्या को लेकर मतभेद
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आगामी राजनीतिक समीकरण
निष्कर्ष
विधानसभा में बजट प्रस्तुति के दौरान हंगामे ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया। जहां सरकार इसे विकासोन्मुख दस्तावेज बता रही है, वहीं विपक्ष इसकी तैयारी और प्रस्तुति शैली पर सवाल उठा रहा है।
आने वाले दिनों में बजट पर विस्तृत चर्चा और राजनीतिक बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।
