मुंबई तट के पास 3 संदिग्ध तेल टैंकर जब्त, नाम और झंडा बदलकर पहचान छिपाने का आरोप
मुंबई
मुंबई तट के पास समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने तीन संदिग्ध तेल टैंकरों को जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन जहाजों की पहचान छिपाने के लिए इनके नाम और पंजीकरण झंडे (फ्लैग) बदले गए थे। मामले ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और तेल परिवहन की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के अनुसार, इन टैंकरों की गतिविधियां समुद्री निगरानी तंत्र की नजर में तब आईं जब उनके ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) डेटा में असामान्य बदलाव दर्ज किए गए। जांच में पाया गया कि जहाजों के नाम, पंजीकरण विवरण और झंडे में हाल ही में परिवर्तन किया गया था, जिससे उनकी वास्तविक पहचान छिपाई जा सके।
समुद्री विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने या माल के स्रोत को गुप्त रखने के लिए कभी-कभी इस प्रकार की रणनीतियां अपनाई जाती हैं। हालांकि, इस मामले में आधिकारिक तौर पर जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
ईरान ने संबंधों से किया इनकार
इस घटनाक्रम के बाद ईरान ने इन जहाजों से किसी भी प्रकार का संबंध होने से स्पष्ट इनकार किया है। आधिकारिक बयान में कहा गया कि जब्त किए गए टैंकरों का ईरानी सरकार या किसी अधिकृत ईरानी कंपनी से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई
भारतीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियां जहाजों के स्वामित्व, कार्गो की प्रकृति और उनके हालिया मार्ग (रूट) की विस्तृत जांच कर रही हैं। संबंधित दस्तावेज, क्रू मेंबर्स के बयान और तकनीकी डेटा की पड़ताल की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पहचान बदलने के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था।
अंतरराष्ट्रीय प्रभाव
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब वैश्विक स्तर पर तेल परिवहन, प्रतिबंध नीति और समुद्री कानूनों को लेकर सख्ती बढ़ाई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पहचान बदलने की पुष्टि होती है, तो संबंधित कंपनियों और व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
आगे क्या?
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि टैंकर किस देश या कंपनी से जुड़े हैं और क्या किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध का उल्लंघन हुआ है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही हैं।
