राहुल गांधी ने गिग वर्कर्स से की मुलाकात, BJP पर अनदेखी और जातिगत भेदभाव का आरोप
नई दिल्ली
कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी रोजगार सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और आय स्थिरता से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने केंद्र की Bharatiya Janata Party सरकार पर आरोप लगाया कि वह गिग वर्कर्स की समस्याओं की अनदेखी कर रही है।
बैठक में क्या उठे मुद्दे?
मुलाकात के दौरान डिलीवरी, कैब और ऐप-आधारित सेवाओं से जुड़े श्रमिकों ने निम्नलिखित चिंताएं रखीं:
- न्यूनतम आय और इंसेंटिव में कटौती
- सामाजिक सुरक्षा (ESI, PF, बीमा) का अभाव
- एल्गोरिदमिक निगरानी और अकाउंट सस्पेंशन का जोखिम
- कार्य घंटे तय न होने से आय में अस्थिरता
राहुल गांधी ने कहा कि गिग अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसमें काम करने वाले श्रमिकों के अधिकार स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं हैं। उन्होंने श्रमिकों के लिए कानूनी सुरक्षा ढांचा मजबूत करने की आवश्यकता बताई।
जातिगत भेदभाव का मुद्दा
बैठक के दौरान कुछ प्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि प्लेटफॉर्म आधारित कार्य प्रणाली में अप्रत्यक्ष रूप से जातिगत पूर्वाग्रह और सामाजिक असमानता के प्रभाव देखे जा सकते हैं। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि रोजगार के अवसरों में समानता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
BJP की प्रतिक्रिया
हालांकि इस बयान पर सत्तारूढ़ दल की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है, भाजपा नेताओं ने पहले भी कहा है कि सरकार श्रमिकों के हित में विभिन्न योजनाएं लागू कर रही है और श्रम संहिताओं के माध्यम से व्यापक सुधार किए गए हैं।
व्यापक संदर्भ
भारत में गिग और प्लेटफॉर्म अर्थव्यवस्था तेजी से विस्तार कर रही है। नीति आयोग की रिपोर्टों के अनुसार, आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में कार्यरत लोगों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। ऐसे में श्रमिक अधिकार, सामाजिक सुरक्षा और नियामक ढांचे पर बहस और तेज हो सकती है।
