ईरान–अमेरिका–इज़राइल तनाव पर वैश्विक नजर, कूटनीतिक गतिविधियां तेज़
तेहरान/वॉशिंगटन/तेल अवीव।
ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर वैश्विक राजनीति में हलचल तेज़ कर दी है। मध्य पूर्व में बदलते हालात को लेकर दुनिया भर की प्रमुख शक्तियां सतर्क हैं और कूटनीतिक स्तर पर संपर्क एवं संवाद तेज़ किए जा रहे हैं।
हाल के दिनों में क्षेत्रीय सुरक्षा, परमाणु कार्यक्रम और सैन्य गतिविधियों को लेकर बयानबाज़ी में तेजी देखी गई है। अमेरिका और इज़राइल ईरान की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, जबकि ईरान ने किसी भी प्रकार के दबाव के आगे न झुकने का संकेत दिया है। इन परिस्थितियों ने क्षेत्र में अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है।
कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, तनाव को नियंत्रित करने के लिए बैक-चैनल वार्ताएं और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चा जारी है। संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय देशों की भूमिका भी इस पूरे घटनाक्रम में अहम मानी जा रही है। कई देश यह कोशिश कर रहे हैं कि हालात किसी बड़े टकराव की ओर न बढ़ें।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात बिगड़ते हैं तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ेगा। तेल की कीमतों और वैश्विक व्यापार मार्गों पर संभावित प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
फिलहाल सभी पक्षों की निगाहें कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्राथमिकता यही है कि संवाद के जरिए तनाव कम किया जाए और किसी भी प्रकार की सैन्य टकराव की स्थिति से बचा जा सके। आने वाले दिनों में होने वाली उच्चस्तरीय बैठकों और बयानों से इस दिशा में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
