मजदूरी कर जीवन चला रहे परिवार की जिंदगी में आया बड़ा बदलाव

बीरगाँव। रोजी मजदूरी कर छोटी सी आमदनी के साथ बच्चों के पढ़ाई लिखाई के बाद बचत संभव नहीं रहता और ऐसे में ख़ुद का घर का सपना पूरी जिंदगी सपना ही रह जाता है। ऐसे में ख़ुद का घर होना एक ऐसे सपने के तौर पर महसूस होता था मानों पूरी जिंदगी किराए के मकान पर ही कटेगी और ख़ुद के घर का सपना सपना ही रह जाएगा। कभी सोचा भी नहीं था कि बीरगांव नगर निगम में मेरे एक आवेदन से मुझे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ख़ुद का घर मिलेगा और मेरे जीवन में एक ऐसा बदलाव आयेगा कि स्वयं के घर होने का आत्मसम्मान हम पति – पत्नी और बच्चे को एक साथ मिलेगा।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ सरकार को धन्यवाद देते हुए, बीरगाँव के वार्ड नंबर 8 मेटल पार्क की रहने वाली श्रीमती राविया ख़ातून की आंखों में आत्मसम्मान की झलक साफ़ दिखाई दे रही है। वह भावुक मन से बताती हैं कि उनके पति आलमगीर वेल्डिंग मज़दूर हैं और वे सालों से किराए के मकान में गुज़ारा कर रहे थे। किराए के घर की परेशानियों को देखते हुए उन्होंने बड़ी मुश्किल से एक छोटी-सी ज़मीन इस उम्मीद में खरीदी थी कि बुढ़ापे तक पाई-पाई जोड़कर किसी तरह अपना घर बना सकें।

राविया बताती हैं—’बीरगाँव नगर निगम में मेरे एक आवेदन ने मानो मेरी और मेरे पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी। मैंने प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत आवेदन किया तो नगर निगम अधिकारियों ने मेरी भरपूर मदद की और मुझे इस योजना का तुरंत लाभ मिला और मेरे ख़ुद के मकान की स्वीकृति मिली। आज हम अपने पक्के घर में रह रहे हैं और अपने बच्चों को बेहतर जीवन और शिक्षा दे पा रहे हैं। इस योजना को ग़रीब परिवारों तक पहुचाने वाले बीरगांव नगर निगम के सभी अधिकारी कर्मचारियों को अपने पूरे परिवार की तरफ़ से धन्यवाद दे रही हूँ।

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