पुलिस ने सुलझाया सूटकेस हत्याकांड, आरोपी दंपती समेत चार गिरफ्तार

रायपुर शहर को झकझोर देने वाले सूटकेस हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस सनसनीखेज मामले में किशोर पैकरा की हत्या के आरोप में पुलिस ने एक दंपती समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना का मुख्य कारण पैसों का लेन-देन और प्रॉपर्टी विवाद बताया गया है।

हत्या की पृष्ठभूमि:

पुलिस जांच के अनुसार, मृतक किशोर पैकरा और मुख्य आरोपी अंकित वर्ष 2018 से परिचित थे। अंकित ने किशोर की मदद से तिल्दा के मढ़ी गांव की 30 लाख रुपये की जमीन बिकवाई थी, जिसके एवज में उसे 2 लाख रुपये कमीशन मिला था। इसके बाद अन्य जमीन बेचने के नाम पर अंकित ने किशोर से 10 लाख रुपये और लिए थे, लेकिन जमीन न बिकने पर किशोर पैसों की वापसी का दबाव बनाने लगा। इसी बीच आरोपी की नज़र किशोर के पास बचे 18 लाख रुपये पर भी थी।

हत्या की योजना और क्रियान्वयन:

21 जून को अंकित ने किशोर को यह कहकर अपने फ्लैट बुलाया कि उसके पुश्तैनी घर की सफाई चल रही है। फ्लैट पर किशोर को नहलाया गया, पोहा खिलाया गया और बाद में गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। इस वारदात में आरोपी की पत्नी शिवानी ने भी साथ दिया। हत्या के बाद शव को 48 घंटे तक फ्लैट में रखा गया।

शव ठिकाने लगाने की कोशिश:

बदबू फैलने पर शव को सूटकेस में भरकर सीमेंट डालकर बंद किया गया। फिर आरोपी दंपती ने दो परिचितों—विनय यदु और सूर्यकांत यदु—की मदद से शव वाली पेटी को फ्लैट से नीचे लिफ्ट के जरिए उतारकर कार में रखा और इंद्रप्रस्थ कॉलोनी के पीछे झाड़ियों में फेंक दिया।

फरारी और गिरफ्तारी:

हत्या के बाद आरोपी दंपती दिल्ली भागने की फिराक में थे और फ्लाइट टिकट तक बुक कर चुके थे। वहीं, शव मिलने पर पुलिस ने पेटी से जुड़ी जानकारी के आधार पर फ्लैट और फिर मकान मालिक तक पहुंच बनाई। आरोपी द्वारा ऑनलाइन किया गया किराया भुगतान पुलिस को पहचान में मददगार साबित हुआ।

पुलिस ने सटीक तकनीकी और स्थानीय जांच के आधार पर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है और शीघ्र ही सीन रीक्रिएशन के लिए उन्हें घटनास्थल ले जाया जाएगा।

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