मनेंद्रगढ़ में अमृत धारा जलप्रपात में डूबने से SECL के 2 अधिकारियों की मौत
April 9, 2025 Yogesh Katre
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के अमृत धारा जलप्रपात में मंगलवार को डूबने से SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के दो अधिकारियों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, पिकनिक मनाने के लिए 8 लोग जलप्रपात के पास पहुंचे थे, जिनमें SECL हसदेव क्षेत्र के अंडरग्राउंड माइंस के दो अधिकारी भी शामिल थे। ये सभी नहाते हुए गहरे पानी में चले गए थे, जिसमें से एक कर्मचारी किसी तरह बाहर निकलने में सफल हुआ, जबकि बाकी दो की डूबने से मौत हो गई।
यह घटना पोड़ी थाना क्षेत्र के नागपुर चौकी इलाके में हुई। मृतकों की पहचान शुभम मनहर (32) निवासी शहडोल और पृथ्वी शेट्टी (36) निवासी तेलंगाना के रूप में हुई है। दोनों SECL के अंडर मैनेजर पद पर कार्यरत थे। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए मनेंद्रगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है।


कैसे हुआ हादसा?
मंगलवार को SECL चिरमिरी में पदस्थ अधिकारी समेत 8 लोग अमृतधारा जलप्रपात पहुंचे थे। शाम करीब 4 बजे वे हसदेव नदी के नीचे जलप्रपात के पास नहा रहे थे। इसी दौरान तीन कर्मचारी गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। एक कर्मचारी किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहा, लेकिन शुभम मनहर और पृथ्वी शेट्टी को दो घंटे की मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा की कमी
अमृतधारा जलप्रपात में नहाना प्रतिबंधित है। प्रशासन ने हादसों के कारण कुछ इलाकों को प्रतिबंधित घोषित किया है और यहां सावधानी के बोर्ड भी लगाए गए हैं, लेकिन नियमित निगरानी नहीं की जाती है। इसके कारण यहां आने वाले लोग मनमाने तरीके से पानी में उतरकर नहाते हैं, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं।

अमृतधारा जलप्रपात और पर्यटक आकर्षण
अमृतधारा जलप्रपात, हसदेव नदी पर स्थित है और राष्ट्रीय राजमार्ग 43 तथा नागपुर ग्राम पंचायत से 8 किलोमीटर दूर है। यह मनेंद्रगढ़ से 30 किलोमीटर और चिरमिरी से 50 किलोमीटर दूर स्थित है। जलप्रपात के पास भगवान भोलेनाथ का एक मंदिर भी है, जहां हर साल शिवरात्रि के अवसर पर मेला आयोजित किया जाता है। यह जलप्रपात 90 फीट की ऊंचाई से गिरता है, और बारिश के दिनों में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।
सुरक्षा सुविधाओं की कमी
अमृतधारा जलप्रपात के पास पुलिस सहायता केंद्र खोला गया था, लेकिन यह पिछले डेढ़ साल से बंद पड़ा है। हालांकि, बारिश के दौरान यहां आने वाले पर्यटकों के लिए सुरक्षा की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

