महापौर और अध्यक्ष पद के आरक्षण की प्रक्रिया टली, नगरीय निकाय चुनाव अप्रैल के बाद होने की संभावना
रायपुर: राज्य सरकार ने महापौर और अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण की प्रक्रिया को 7 जनवरी तक स्थगित कर दिया है। इस फैसले के बाद नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव अप्रैल से पहले संपन्न होने की संभावना कम नजर आ रही है।
मतदाता सूची बनी देरी की वजह
1 जनवरी से नई मतदाता सूची तैयार की जाएगी, जिसमें 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं का नाम जोड़ा जाएगा। इस प्रक्रिया में 15-20 दिन लगने की उम्मीद है। इसके बाद आरक्षण प्रक्रिया फिर से शुरू होगी, जिसमें भी समय लगेगा।
परीक्षाओं के कारण चुनाव में बाधा
फरवरी में बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत और मार्च में कॉलेज परीक्षाओं के चलते शिक्षक और स्कूल भवन चुनाव कार्य के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया को अप्रैल के बाद तक खींचे जाने की संभावना बढ़ गई है।
प्रशासकों की होगी नियुक्ति
जनवरी में कई नगरीय निकायों की निर्वाचित परिषद का कार्यकाल पूरा हो रहा है। ऐसे में चुनाव होने तक इन निकायों में प्रशासकों की नियुक्ति की जाएगी।
सरकार का पहले से अटका फैसला
राज्य सरकार ने पहले 27 दिसंबर को महापौर और अध्यक्ष पद के आरक्षण की तारीख तय की थी, लेकिन इसे अचानक स्थगित कर 7 जनवरी को निर्धारित कर दिया गया। वहीं, पंचायतों का आरक्षण पहले ही पूरा हो चुका है।
चुनाव की तैयारी में देरी
राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों के लिए पहले ही तैयारी तेज कर दी थी। जिला पंचायत अध्यक्षों का आरक्षण भी 30 दिसंबर को होना था, लेकिन महापौर आरक्षण प्रक्रिया टलने से चुनाव कार्यक्रम की घोषणा भी आगे बढ़ा दी गई है।
अब अप्रैल के बाद ही संभव होंगे चुनाव
इन तमाम परिस्थितियों को देखते हुए यह लगभग तय हो गया है कि नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव अप्रैल या मई 2024 से पहले संभव नहीं होंगे।
