छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना में एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है, जो निर्माण श्रमिकों के परिवारों के लिए राहत की खबर लाया है। एक साल पहले जब विष्णुदेव सरकार ने इस योजना की शुरुआत की थी, तब यह सुनिश्चित किया गया था कि कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत या दिव्यांग होने पर श्रमिकों के परिवार को आर्थिक सहायता मिले।
हालांकि, एक बड़ी समस्या यह थी कि जो श्रमिक पंजीकृत नहीं थे, उनके आश्रितों को कोई सहायता नहीं मिल पाती थी। अब इस समस्या का समाधान हो गया है। श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के निर्देश पर विभाग ने इस योजना में आंशिक संशोधन किया है। अब अपंजीकृत श्रमिकों के कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर उनके परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
इस साल जनवरी से लेकर नवंबर तक, 1502 निर्माण श्रमिकों के आश्रितों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। सहायता राशि सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से दी जा रही है, जिससे प्रक्रिया और भी पारदर्शी और त्वरित हो गई है।
यह कदम निश्चित रूप से निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो रहा है