केंद्र सरकार ने खत्म किया विंडफॉल टैक्स, तेल कंपनियों को मिली बड़ी राहत
केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ईंधन पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। यह टैक्स पेट्रोल, डीजल, एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) जैसे उत्पादों पर लगाया गया था, जिसे विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) भी कहा जाता है। यह टैक्स 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि के बाद लागू किया गया था।
अब, वित्त मंत्रालय ने कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई गिरावट के बीच इस टैक्स को समाप्त कर दिया है। यह कदम 30 महीने बाद उठाया गया है और इससे घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल और विमानन ईंधन के निर्यात पर लगने वाले शुल्क को खत्म कर दिया गया है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने इस फैसले को राज्य सभा में पेश किया।
विंडफॉल टैक्स की वापसी से तेल कंपनियों को बड़ी राहत मिली है। यह टैक्स 2022 में पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात से होने वाले मुनाफे पर लगाया गया था, ताकि सरकार राजस्व बढ़ा सके। विंडफॉल टैक्स एक ऐसा टैक्स होता है जो कंपनियों द्वारा तय सीमा से अधिक मुनाफे पर लगाया जाता है, खासकर जब वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल और रिफाइनरी उत्पादों की कीमतें बहुत अधिक होती हैं।
