कोण्डागांव की योगिता मंडावी को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार

जूडो में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर योगिता मंडावी राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई और शुभकामनाएं

रायपुर ,26 दिसंबर 2025

छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले की प्रतिभाशाली बालिका योगिता मंडावी ने जूडो खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम गौरवान्वित किया है। छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित बालिका गृह, कोण्डागांव में पली-बढ़ी योगिता को उनकी उल्लेखनीय खेल उपलब्धियों के लिए प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा योगिता मंडावी को यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया। समारोह में देशभर से चयनित प्रतिभाशाली बच्चों को विभिन्न क्षेत्रों जैसे खेल, नवाचार, सामाजिक सेवा, कला एवं संस्कृति आदि में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

उल्लेखनीय है कि योगिता मंडावी ने कम उम्र में ही जूडो खेल में अपनी विलक्षण प्रतिभा का परिचय दिया है। मात्र 13 वर्ष की आयु में उन्होंने राज्य की श्रेष्ठ जूडो खिलाड़ी का दर्जा प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में लगातार पदक अर्जित कर अपनी निरंतर प्रगति और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने योगिता मंडावी की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है तथा कहा कि प्रतिभाशाली बच्चों की सफलता से नई पीढ़ी को आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा मिलती है। योगिता की उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है, बल्कि बालिका गृह एवं बाल कल्याण संस्थाओं में रह रहे बच्चों के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत भी है। उन्होंने यह साबित किया है कि संसाधनों की सीमाएँ नहीं, बल्कि सपनों के प्रति लगन और परिश्रम ही सफलता का वास्तविक आधार है।

राजनाथ सिंह ने नए वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित से की मुलाकात, सफल कार्यकाल की दी शुभकामनाएं 29वें चीफ ऑफ द एयर स्टाफ बने आशुतोष दीक्षित, 42 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह; वायुसेना के आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता पर रहेगा विशेष जोर नई दिल्ली। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को भारतीय वायुसेना के नवनियुक्त प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित से मुलाकात की। इस दौरान रक्षा मंत्री ने उन्हें नई जिम्मेदारी संभालने पर बधाई देते हुए उनके सफल और शानदार कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा कि एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित एक उत्कृष्ट वायु योद्धा हैं और अपने प्रभावशाली नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में भारतीय वायुसेना नई ऊंचाइयों को हासिल करेगी। 29वें वायुसेना प्रमुख के रूप में संभाली जिम्मेदारी एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने शनिवार को भारतीय वायुसेना के 29वें चीफ ऑफ द एयर स्टाफ के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह का स्थान लिया, जो भारतीय वायुसेना में 42 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के पूर्व छात्र आशुतोष दीक्षित 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए थे। करीब चार दशकों के सैन्य करियर में उन्होंने ऑपरेशनल गतिविधियों, फ्लाइट टेस्टिंग, क्षमता विकास और संयुक्त सैन्य अभियानों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। 3,300 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव एयर चीफ मार्शल दीक्षित एक अनुभवी फाइटर पायलट, क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट हैं। उन्हें मिराज-2000, मिग विमानों के विभिन्न संस्करणों, जगुआर और परिवहन विमानों सहित कई तरह के विमानों को उड़ाने का 3,300 घंटे से अधिक का अनुभव है। भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जगुआर और मिग-27 विमानों के अपग्रेड कार्यक्रमों के साथ स्वदेशी लड़ाकू विमान LCA Mk-I तेजस की प्रारंभिक और अंतिम ऑपरेशनल क्लीयरेंस प्रक्रियाओं में उनकी अहम भूमिका रही है। कई महत्वपूर्ण सैन्य पदों पर दे चुके हैं सेवाएं अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान आशुतोष दीक्षित ने मिराज-2000 स्क्वाड्रन, पश्चिमी क्षेत्र के एक फॉरवर्ड बेस सपोर्ट यूनिट और वायुसेना स्टेशन बीदर की कमान संभाली है। इसके अलावा वे सदर्न एयर कमांड में एयर डिफेंस कमांडर, साउथ वेस्टर्न एयर कमांड में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर, डिप्टी चीफ ऑफ द एयर स्टाफ और सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य कर चुके हैं। वायुसेना प्रमुख बनने से पहले वे वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ के पद पर कार्यरत थे। उन्हें वायु सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और परम विशिष्ट सेवा मेडल सहित कई प्रतिष्ठित सैन्य सम्मानों से नवाजा जा चुका है। ‘VAYU’ विजन से तय होंगी वायुसेना की प्राथमिकताएं नए वायुसेना प्रमुख ने कार्यभार संभालने के बाद अपनी प्राथमिकताओं को ‘VAYU’ विजन के माध्यम से स्पष्ट किया। इसमें सतर्कता, आत्मनिर्भरता, युक्ति और एकजुट प्रयासों को विशेष महत्व दिया गया है। उनके अनुसार, बदलती तकनीक और आधुनिक युद्ध की चुनौतियों के बीच भारतीय वायुसेना को लगातार अपनी क्षमताओं का विकास करना होगा। वायुसेना की लड़ाकू क्षमता को निर्धारित स्तर तक पहुंचाना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय, आधुनिक तकनीकों को अपनाने और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। जवानों और उनके परिवारों का कल्याण भी प्राथमिकता एयर चीफ मार्शल दीक्षित ने वायुसेना के अधिकारियों, एयर वॉरियर्स, अग्निवीरवायु कर्मियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि भारतीय वायुसेना हर परिस्थिति में सतर्क, तैयार और दृढ़ संकल्पित रहेगी। उनका कहना है कि वायुसेना का संकल्प लगातार आधुनिक बनना, अपनी परिचालन क्षमता को मजबूत करना और देश की सुरक्षा के लिए हर समय तैयार रहना है।