कार्यकर्ताओं के कंधों पर बैठकर हम मंत्री-सांसद बने: बृजमोहन अग्रवाल का बड़ा बयान

रायपुर: भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य कार्यकर्ता सम्मेलन में रायपुर सांसद और वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल ने एक बेहद भावुक और कड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सत्ता में बैठे नेता अपनी व्यक्तिगत काबिलियत से नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की मेहनत और पूर्वजों के बलिदान की बदौलत वहां पहुंचे हैं।

“पूर्वजों के लगाए वृक्ष का फल खा रहे हैं हम”

अपने संबोधन में श्री अग्रवाल ने नेताओं को अहंकार से बचने की सलाह देते हुए कहा:

“आज हम जो मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद या विधायक हैं, वो अपने दम पर नहीं हैं। हम कार्यकर्ताओं के कंधों पर बैठकर इस मुकाम तक पहुंचे हैं। यह न सोचें कि सब हम कर रहे हैं; हमारे पूर्वजों ने जो त्याग और तपस्या के वृक्ष लगाए थे, आज हम सब उसका फल खा रहे हैं।”

प्रमुख संबोधन की बड़ी बातें:

  • कार्यकर्ताओं की चिंता जरूरी: बृजमोहन अग्रवाल ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि कार्यकर्ताओं के बिना चुनाव नहीं जीता जा सकता। इसलिए मुख्यमंत्री से लेकर विधायक तक, सबकी जिम्मेदारी है कि वे कार्यकर्ताओं की चिंता करें और उनकी समस्याओं का समाधान करें।

  • अजेय संगठन: उन्होंने कार्यकर्ताओं को पार्टी की ‘आत्मा’ बताया और कहा कि जब तक जमीनी कार्यकर्ता मजबूत है, तब तक संगठन को कोई हरा नहीं सकता।

  • विरासत का सम्मान: उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे, अटल बिहारी वाजपेई, लालकृष्ण आडवाणी और लखीराम अग्रवाल जैसे महान नेताओं का स्मरण करते हुए कहा कि उनके निस्वार्थ संघर्ष ने ही भाजपा को विश्व का सबसे बड़ा संगठन बनाया है।

विस्तार का संकल्प: “जहां भाजपा नहीं, वहां पहुंचें”

सांसद अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए आह्वान किया कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए:

  1. मोदी सरकार और साय सरकार की जनहितकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाएं।

  2. जिन क्षेत्रों में भाजपा अभी कमजोर है या जहां पार्टी का अस्तित्व नहीं है, वहां जनाधार का विस्तार करें।

  3. राष्ट्रसेवा को सर्वोपरि रखते हुए ऐसा कोई कार्य न करें जिससे पार्टी की छवि धूमिल हो।

एकजुटता की सराहना

उन्होंने रायपुर नगर निगम का उदाहरण देते हुए कहा कि 70 में से 60 पार्षदों का होना कार्यकर्ताओं की ही जीत है। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस और जनप्रतिनिधियों के आपसी तालमेल की भी सराहना की

You may have missed