जल मिशन कार्य में विलंबता का खामियाजा भुगत रहे ग्रामीण, पानी की समस्याओं से ग्रसित जिले के कई ग्रामीण क्षेत्र…

कोरिया , 05 मई 2023 : छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में लोगों की प्यास बुझाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से संचालित हो रही महत्वकांक्षी नल जल योजना जो कि एमसीबी जिला और कोरिया जिले में लचर कार्यप्रणाली की भेंट चढ़ रही है। जगह जगह विभागीय अधिकारियों के कार्यस्थल पर नहीं जाने के कारण तथा कार्य में लगे ठेकेदारों के द्वारा मनमाने ढंग से गुणवत्ता विहीन काम किए जाने के चलते विवाद की स्थिति बनते जा रही है जिससे कई गांव में काम रोकने तक की नौबत आ गई है।
आपको बता दें कि जहां एक तरफ सरकार करोड़ों रुपए खर्च करके जल मिशन नल जल योजना को ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर तक पानी पहुंचाने का काम करने के लिए एक बड़ी राशि खर्च कर रही है लेकिन इस योजना पर जो ठेकेदार अपने मनमाने तरीके से गुणवत्ता विहीन कार्य कर रहे हैं क्योंकि जिस जगह भी नल जल योजना का काम चलता रहता है उस जगह पीएचई विभाग के ना एसडीओ और ना इंजीनियर उसकी जांच पड़ताल करने के लिए नहीं जाते हैं इसका कारण बस यही है कि इतनी बड़ी राशि खर्च करके सरकार के द्वारा जो जल मिशन का काम कराया जा रहा है उसमें कहीं ना कहीं पूरी तरह भ्रष्टाचार कर या काम को कराने में संबंधित अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त होना लग रहा है।
इसलिए ठेकेदार बेखौफ होकर मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं वही ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी काम पर आते नहीं और ठेकेदार मनमाने ढंग से गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य करने के साथ-साथ पाइपलाइन गलत ढंग से बिछाने के कारण यह योजना कमजोर साबित होने के साथ-साथ फ्लॉप होने की दिशा में नजर आ रही है जिसका वह विरोध करके काम रुकवा रहे हैं लेकिन इसके बाद भी उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
परेशान ग्रामीणों के अनुसार पाइप लाइन तो बिछाई जा रही हैं वह बड़ी-बड़ी टंकियां भी बनकर खड़ी हो जा रही हैं लेकिन उन्हें वर्षों से पानी का पता नहीं होने के कारण इस योजना का वह महत्व नहीं रह जा रहा है जो कि होना चाहिए था जिससे आने वाले गर्मी में फिर उन्हें पहले की तरह पानी को तरसना पड़ेगा व पानी के बूंदों को इकट्ठा करने के लिए घर से दूर दूर जाना पड़ेगा।
वहीं जिले के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग प्रमुख चंद्र बदन सिंह का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार नल जल न योजना का कार्य सफलतम रूप में करने का प्रयास किया जा रहा है और जहां भी गुणवत्ता या निर्माण संबंधी शिकायत सामने आ रही है वही ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस देकर तत्काल जल्द से जल्द कार्य को सुधारने व नियमानुसार कराए जाने की कोशिश की जा रही है।