उत्तर प्रदेश में SIR के बाद मतदाता सूची अपडेट, 2.89 करोड़ नाम हटाए गए

लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कराए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभ्यास के बाद राज्य की मतदाता सूची को अद्यतन किया गया है। इस प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से लगभग 2.89 करोड़ नाम हटाए गए, जबकि कुल पंजीकृत मतदाताओं में से 81.3 प्रतिशत नामों को सत्यापन के बाद बरकरार रखा गया है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह विशेष पुनरीक्षण अभियान मृत मतदाताओं, स्थानांतरित नागरिकों, दोहरे पंजीकरण और अपात्र नामों को हटाने के उद्देश्य से किया गया था। निर्वाचन आयोग का कहना है कि इस अभ्यास का मुख्य लक्ष्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है।

SIR प्रक्रिया के अंतर्गत घर-घर सत्यापन, डिजिटल रिकॉर्ड मिलान और दावों–आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम सूची तैयार की गई। आयोग के मुताबिक जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उनमें अधिकांश ऐसे मामले थे जिनमें व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी थी, स्थायी रूप से अन्य स्थान पर स्थानांतरण हुआ था या एक ही व्यक्ति का एक से अधिक स्थानों पर पंजीकरण पाया गया।

निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन नागरिकों के नाम किसी कारणवश हट गए हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुनः आवेदन कर मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकते हैं। आयोग ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे समय-समय पर अपनी प्रविष्टियों की जांच करते रहें।

राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची का यह अद्यतन अभ्यास आगामी चुनावों से पहले प्रशासनिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जी मतदान की संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा।