यूक्रेन की एयर-डिफेंस क्षमता को बड़ा स्ट्रैटेजिक बूस्ट: फ्रांस के साथ 100 तक उन्नत राफेल फाइटर जेट खरीदने के लिए ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ पर हस्ताक्षर

रूस के निरंतर हवाई हमलों के बीच यूक्रेन ने अपनी रणनीतिक रक्षा संरचना को अपग्रेड करने की दिशा में एक उच्च-स्तरीय कदम उठाया है। कीव और पेरिस के बीच एक लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिसके तहत यूक्रेन 100 तक उन्नत राफेल फाइटर जेट अधिग्रहित करने की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया शुरू करेगा। यह डिफेंस इकोसिस्टम में एक बड़ा capability multiplier माना जा रहा है।

राफेल प्लेटफ़ॉर्म को मल्टी-रोल कॉम्बैट प्रबंधन, एयर-सुपीरियॉरिटी, प्रिसीजन स्ट्राइक और नेटवर्क-सेंट्रिक ऑपरेशन में known global benchmark माना जाता है। इस डील के ज़रिए यूक्रेन अपनी एयर-डिफेंस और एयर-डॉमिनेंस दोनों capacities को significantly elevate करना चाहता है, ताकि रूसी मिसाइल और ड्रोन अटैक पैटर्न को अधिक प्रभावी ढंग से neutralize किया जा सके।

फ्रांस की ओर से यह समझौता “strategic interoperability and long-term security partnership” के रूप में पेश किया गया है। डसॉल्ट एविएशन और फ्रेंच डिफेंस स्टेकहोल्डर्स ने संकेत दिया है कि जेट्स की actual डिलीवरी timeline, फाइनेंशियल मॉडलिंग और टेक्निकल स्पेसिफिकेशन alignment को लेकर आगे detailed negotiations होंगी।

विश्लेषकों के अनुसार, यह संभावित अधिग्रहण सिर्फ एक conventional procurement नहीं है, बल्कि यूक्रेन की पूरे एयर कॉम्बैट आर्किटेक्चर का restructuring move है—जिसमें training pipelines, maintenance ecosystems, weapons integration और NATO-स्टैंडर्ड इंटरऑपरेबिलिटी सभी शामिल होंगे।

राफेल की तैनाती को यूरोप की समग्र सुरक्षा गतिशीलता में एक strategic force projection lever के रूप में भी देखा जा रहा है, जो पूर्वी यूरोप में पावर बैलेंस पर दीर्घकालिक असर डाल सकता है।