ट्रम्प के टैरिफ गैरकानूनी, अमेरिकी अपील कोर्ट का बड़ा फैसला
भारत के 5.4 लाख करोड़ रुपए के एक्सपोर्ट पर असर
अमेरिका की एक अपील कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए ज्यादातर टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि राष्ट्रपति के पास हर आयात पर शुल्क लगाने की असीमित शक्ति नहीं है। यह अधिकार केवल संसद को है।

कोर्ट बोला- संसद के पास ही है शक्ति
7-4 के बहुमत से आए इस फैसले में अदालत ने कहा कि ट्रम्प ने जिस अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (IEEPA-1977) का हवाला दिया, उसमें ‘टैरिफ’ शब्द का जिक्र तक नहीं है। इसलिए शुल्क लगाना राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। अदालत ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति केवल 150 दिनों तक अधिकतम 15% टैरिफ ही ठोस कारणों के साथ लगा सकते हैं।
ट्रम्प की दलील खारिज
ट्रम्प प्रशासन ने चीन, कनाडा, मेक्सिको और भारत पर टैरिफ लगाते हुए तर्क दिया था कि अमेरिका का व्यापार घाटा ही राष्ट्रीय आपातकाल है। इसलिए उन्होंने ‘नेशनल इमरजेंसी’ घोषित कर शुल्क लगाया। लेकिन अदालत ने इसे असंवैधानिक बताया।
भारत पर बड़ा असर
ट्रम्प प्रशासन ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया था, जो 27 अगस्त से लागू हो चुका है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की रिपोर्ट के मुताबिक, यह नया टैरिफ भारत के लगभग ₹5.4 लाख करोड़ के एक्सपोर्ट को प्रभावित करेगा।
कपड़े, जेम्स-ज्वेलरी, फर्नीचर और सी-फूड जैसे भारतीय प्रोडक्ट्स अब अमेरिका में महंगे हो जाएंगे। इससे इनकी मांग में 70% तक गिरावट आ सकती है। वहीं चीन, वियतनाम और मेक्सिको जैसे कम टैरिफ वाले देशों को फायदा मिलेगा।
ट्रम्प की कड़ी प्रतिक्रिया
फैसले के बाद ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर ये टैरिफ हटे, तो “अमेरिका बर्बाद हो जाएगा।” हालांकि कोर्ट ने फैसला अक्टूबर तक लागू करने से रोक दिया है, ताकि ट्रम्प सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकें।
