कोलकाता/नई दिल्ली।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने राज्यसभा चुनाव के लिए चार उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है। घोषित सूची में सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता Menaka Guruswamy का नाम प्रमुख रूप से शामिल है।
यदि वे निर्वाचित होती हैं, तो वे भारत की पहली ओपनली LGBTQ समुदाय से आने वाली सांसद बन सकती हैं। इस घोषणा को राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पार्टी का फैसला
Mamata Banerjee के नेतृत्व वाली All India Trinamool Congress ने उम्मीदवारों की सूची जारी करते हुए कहा कि पार्टी विविधता और समावेशन को महत्व देती है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार उम्मीदवारों का चयन सामाजिक प्रतिनिधित्व, कानूनी विशेषज्ञता और राजनीतिक अनुभव को ध्यान में रखकर किया गया है।
सामाजिक महत्व
मेनका गुरुस्वामी LGBTQ अधिकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं। विशेष रूप से धारा 377 को असंवैधानिक घोषित करने से जुड़े ऐतिहासिक फैसले में उनकी भूमिका चर्चा में रही थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम संसद में विविध प्रतिनिधित्व को लेकर एक प्रतीकात्मक और व्यावहारिक दोनों तरह का संदेश दे सकता है।
आगे की प्रक्रिया
राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया के तहत संबंधित राज्य विधानसभा के निर्वाचित सदस्य मतदान करेंगे। परिणाम घोषित होने के बाद ही आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट होगा कि कौन-कौन उच्च सदन में पहुंचता है।
फिलहाल राजनीतिक हलकों में इस घोषणा को लेकर चर्चा तेज है और इसे आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति पर प्रभाव डालने वाला कदम माना जा रहा है।