बिजली कटौती, अवैध खनन और महिला कल्याण योजनाओं पर विपक्ष का सरकार पर हमला
रायपुर।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीत सत्र के दौरान सदन में उस समय हंगामा देखने को मिला, जब विपक्ष ने बिजली कटौती, अवैध खनन और महिला कल्याण योजनाओं को लेकर सरकार को घेर लिया। प्रश्नकाल और शून्यकाल के दौरान इन मुद्दों पर तीखी बहस हुई, जिससे कार्यवाही कई बार बाधित हुई।
विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया कि राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में लगातार बिजली कटौती से आम जनता, किसान और उद्योग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने ऊर्जा प्रबंधन और वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगा।
इसके साथ ही अवैध खनन का मुद्दा भी सदन में जोर-शोर से उठा। विपक्ष का कहना था कि खनिज संपदा की अवैध निकासी से न केवल राज्य के राजस्व को नुकसान हो रहा है, बल्कि पर्यावरण और स्थानीय आबादी पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस पर कड़ी कार्रवाई और पारदर्शी जांच की मांग की गई।
महिला कल्याण योजनाओं को लेकर भी विपक्ष ने सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। आरोप लगाया गया कि कई योजनाएं कागज़ों तक सीमित हैं और ज़मीनी स्तर पर पात्र महिलाओं तक लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। इस मुद्दे पर विपक्ष ने जवाबदेही तय करने की मांग की।
वहीं सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि सरकार बिजली आपूर्ति सुधार, अवैध खनन पर नियंत्रण और महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार कदम उठा रही है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है।
हंगामे के चलते अध्यक्ष को कई बार सदन में व्यवस्था बनाए रखने की अपील करनी पड़ी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, शीत सत्र के आगामी दिनों में ये मुद्दे और अधिक गर्माने की संभावना है।
