नए कानूनों से खत्म होगा अंग्रेजों का गुलाम सिस्टम, पीएम मोदी ने चंडीगढ़ में की महत्वपूर्ण घोषणा”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 दिसंबर को चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC) में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के कार्यान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह भी उनके साथ थे, और उन्होंने इन नए कानूनों के प्रभावी रूप से लागू होने की संभावना पर विचार किया।गृह मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर कहा कि अब हम अंग्रेजों के जमाने के गुलाम क्रिमिनल सिस्टम से मुक्त हो गए हैं, और अब “तारीख पर तारीख” का खेल समाप्त हो चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी इसे सशक्त करते हुए कहा कि ये नए कानून आतंकवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी के 8 अहम बयान:
- अंग्रेजों के कानूनों से मुक्ति का सपना
प्रधानमंत्री मोदी ने याद दिलाया कि 1857 में भारतीयों ने अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह किया था, और 1947 में आजादी के बाद भी हम उनके बनाए कानूनों को ढोते रहे। - गुलामों के लिए बने कानूनों को अब तक ढोने का असर
मोदी ने कहा कि आज़ादी के दशकों बाद भी वही अंग्रेजी दंड संहिता लागू रही, जिससे देश का विकास प्रभावित हुआ। - लाल किले से किया था ऐतिहासिक एलान
उन्होंने बताया कि 15 अगस्त 2020 को लाल किले से इस बदलाव का ऐलान किया था, और इस पर सुझाव लेने के बाद इन कानूनों को लागू किया गया। - जीरो एफआईआर और टाइम-बाउंड प्रक्रिया
मोदी ने जीरो एफआईआर की कानूनी स्वीकृति और समयबद्ध कार्रवाई के महत्व को उजागर किया। अब पीड़ितों को एफआईआर की कॉपी दी जाएगी और हर कार्रवाई टाइम बाउंड होगी। - गरीबों के लिए न्याय की आसानी
पीएम मोदी ने कहा कि गरीब और कमजोर लोग अब कोर्ट-कचहरी से नहीं डरेंगे, क्योंकि नए कानूनों से समाज के हर वर्ग को न्याय मिलेगा। - भ्रष्टाचार और आतंकवाद पर शिकंजा
प्रधानमंत्री ने कहा कि नए कानून आतंकवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत करेंगे, साथ ही कानूनी अड़चनों से निजात मिलेगी।
इन नए कानूनों से भारत में न्याय व्यवस्था को और पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है, जिससे नागरिकों के अधिकारों का संरक्षण और समय पर न्याय सुनिश्चित होगा।
