तीजन बाई की हालत नाजुक: पेंशन और मदद की उम्मीद में संघर्ष कर रही पद्मविभूषण प्राप्त पंडवानी गायिका
भिलाई की प्रसिद्ध पंडवानी लोक गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित, तीजन बाई, पिछले छह महीनों से बिस्तर पर हैं। उनके शरीर ने उनका साथ छोड़ दिया है, और वे ठीक से बोल या सुन भी नहीं पा रही हैं। कैमरे में, वे केवल “जय श्रीराम” बोल पाईं। एक समय का संगीत सम्राज्ञी अब दुख और दर्द से जूझ रही हैं।
तीजन बाई को अपने दोनों बेटों की हार्ट अटैक से मौत का गहरा सदमा लगा था, और इस मानसिक तनाव ने उन्हें पैरालिसिस का शिकार बना दिया। अब वे बिस्तर पर पड़ी हैं और उनका जीवन दर्द से जूझ रहा है। उनके परिवार में करीब 42 लोग हैं, जो उनकी पेंशन पर निर्भर हैं, और ये स्थिति दिन-ब-दिन कठिन होती जा रही है।

पेंशन से खर्चों का संतुलन नहीं बैठ रहा है
तीजन बाई को हर महीने पद्मविभूषण की पेंशन के रूप में ₹5,000 और BSP से ₹2,000 मिलते हैं, लेकिन अब यह राशि उनके इलाज और देखभाल में ही खत्म हो जाती है। वे जो खर्च करती हैं, उसमें बिस्तर पर रहने के कारण डायपर और अन्य जरूरी चीजों के खर्च भी शामिल हैं। इस समय, उनकी पेंशन का आधा हिस्सा डायपर पर ही खर्च हो जाता है, जबकि मार्च से उन्हें कोई पेंशन नहीं मिली है।
डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है तीजन बाई की हालत पर कड़ी निगरानी रखने के लिए कलेक्टर ने डॉक्टरों की एक पूरी टीम को उनके घर पर तैनात किया है। इस टीम में मेडिकल ऑफिसर डॉ. शिखर अग्रवाल, फिजियो थेरिपिस्ट डॉ. दीपमाला और एक स्टाफ नर्स शामिल हैं, जो हर दिन उनके घर जाकर उनकी सेहत का ध्यान रख रहे हैं।
साथ ही, छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध कत्थक नृत्यांगना यास्मीन सिंह ने तीजन बाई को एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की है। इसके अलावा, उन्होंने सांस्कृतिक विभाग से भी यह अनुरोध किया है कि वे तीजन बाई की पेंशन की राशि, जो 88 हजार रुपए है, शीघ्र जारी करें और भविष्य में पेंशन समय पर देने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
