एयरबस A320 विमानों में तकनीकी खतरा: भारत में 338 फ्लाइट्स प्रभावित, सोलर रेडिएशन से जुड़ा सॉफ्टवेयर अपडेट जारी

देश की विमान सेवाओं के लिए शुक्रवार का दिन चुनौतीपूर्ण रहा, क्योंकि एयरबस A320 फैमिली के विमानों में सोलर रेडिएशन से जुड़ी तकनीकी समस्या सामने आने के बाद कई उड़ानों को प्रभावित किया गया। इंडिगो और एयर इंडिया ग्रुप की बड़ी संख्या में फ्लाइट्स पर इसका असर पड़ा है। कुल मिलाकर भारत में 338 उड़ानों को ऑपरेशनल बदलावों और देरी का सामना करना पड़ा।

क्या है एयरबस A320 का तकनीकी खतरा?

एयरबस द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार, हाल ही में पृथ्वी के ऊपर सोलर रेडिएशन की तीव्रता बढ़ी है, जिसके कारण A320 सीरीज के विमानों में मौजूद कुछ कंप्यूटिंग मॉड्यूल अस्थिर व्यवहार दिखा सकते हैं।
यह मॉड्यूल उड़ान संचालन, नेविगेशन और सिस्टम सिंक्रोनाइजेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इसी जोखिम को देखते हुए एयरबस ने सभी एयरलाइंस को तत्काल सॉफ्टवेयर अपडेट लागू करने के निर्देश जारी किए हैं।

भारत में क्यों बढ़ी चिंता?

भारत दुनिया के सबसे बड़े A320 ऑपरेटिंग देशों में से एक है। इंडिगो, एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और विस्तारा—चारों मिलकर लगभग 700 से ज्यादा A320 फैमिली विमानों का संचालन करते हैं।
इन्हीं में से कई विमानों को सॉफ्टवेयर अपग्रेड के लिए अस्थायी रूप से ग्राउंड या स्लो-ऑपरेट किया गया है।

इसके कारण:

  • 338 फ्लाइट्स प्रभावित

  • कई एयरपोर्ट्स पर शेड्यूल में देरी

  • क्रू और ऑपरेशनल टीमों पर अतिरिक्त दबाव

किन एयरलाइंस पर ज्यादा असर?

1) इंडिगो (IndiGo)

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के पास A320 का सबसे बड़ा बेड़ा है।
सॉफ्टवेयर अपडेट के चलते कई विमानों की मेंटेनेंस विंडो बढ़ी, जिसके कारण अनेक घरेलू उड़ानों में देरी या री-शेड्यूलिंग देखी गई।

2) एयर इंडिया ग्रुप

एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और विस्तारा—तीनों के संचालन पर असर पड़ा।
कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में भी स्लो ऑपरेशनल नोटिस जारी हुए।

सोलर रेडिएशन का असर क्या होता है?

बढ़ा हुआ सोलर रेडिएशन एयरक्राफ्ट में लगे इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स पर असर डाल सकता है।
विशेष रूप से असर पड़ सकता है:

  • सिस्टम प्रोसेसर पर

  • फ्लाइट मैनेजमेंट कंप्यूटर पर

  • नेविगेशन मैपिंग मॉड्यूल पर

  • ऑटोमेशन सिंक पर

इन जोखिमों को कम करने के लिए अपडेट अनिवार्य किया गया है।

डायरेक्ट फ्लाइट्स पर यात्रियों की समस्या

कई यात्रियों ने एयरपोर्ट्स पर लंबा इंतजार और अचानक शेड्यूल बदलाव की शिकायतें दर्ज कीं।
विमानन मंत्रालय ने एयरलाइंस से कहा है कि:

  • यात्रियों को समय पर जानकारी दी जाए

  • रीबुकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएँ

  • रद्द फ्लाइट्स में रिफंड नियम आसान किए जाएँ

सरकार और DGCA की कार्रवाई

DGCA (Directorate General of Civil Aviation) ने एयरलाइंस से रिपोर्ट मांगी है और अपडेट प्रक्रिया की लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है।

सरकार के अनुसार:

  • यह कोई “अलार्मिंग सेफ्टी इश्यू” नहीं है

  • सिर्फ प्रिवेंटिव सॉफ्टवेयर अपग्रेड है

  • सभी फ्लाइट्स सुरक्षित हैं

एयरबस ने क्या कहा?

एयरबस ने कहा—
“यह एक ग्लोबल सॉफ्टवेयर अपडेट है जो बढ़े हुए सोलर रेडिएशन फेज के दौरान सिस्टम्स की स्थिरता सुनिश्चित करेगा।”

आगे क्या?

विशेषज्ञों के अनुसार:

  • आगामी 48–72 घंटों में सॉफ्टवेयर अपडेट पूरी तरह लागू हो जाएगा

  • तब उड़ान संचालन सामान्य होने की उम्मीद है