सूटकेस हत्याकांड: मृतक किशोर का पुलिस ने किया अंतिम संस्कार, आरोपियों के खिलाफ सीन रिक्रिएशन से जुटाए गए अहम सबूत

रायपुर में सनसनी फैलाने वाले सूटकेस हत्याकांड में मृतक किशोर पैकरा का अंतिम संस्कार पुलिस द्वारा किया गया। मृतक के परिवार से कोई भी व्यक्ति शव लेने नहीं पहुंचा, जिसके चलते पुलिस ने संवैधानिक प्रक्रिया के तहत उसका दाह-संस्कार किया। इस अंतिम संस्कार का वीडियो सामने आया है जिसमें पुलिसकर्मी मौन खड़े नजर आ रहे हैं और सामने मृतक की चिता जल रही है।

इंद्रप्रस्थ फ्लैट में हुआ सीन रिक्रिएशन, पुलिस को मिले कई अहम सबूत

मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर पुलिस ने चारों गिरफ्तार आरोपियों को लेकर उस इंद्रप्रस्थ कॉलोनी स्थित फ्लैट में सीन रिक्रिएशन कराया, जहां हत्या को अंजाम दिया गया था। इस दौरान आरोपियों ने हत्या की पूरी वारदात को दोहराया—किशोर की हत्या कैसे की गई, लाश को सूटकेस में कैसे ठूंसा गया, और फिर फ्लैट से पेटी को नीचे लाकर कार में कैसे रखा गया।

सीन रिक्रिएशन के लिए पुलिस ने हूबहू वही सूटकेस और ट्रंक मंगवाया जो हत्या में इस्तेमाल हुआ था। इसके बाद उसी रास्ते से आरोपियों को घटनास्थल तक ले जाया गया, जहां उन्होंने शव को ट्रंक सहित फेंका था।

FSL टीम को मिले पांच बड़े सबूत

फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने फ्लैट की जांच की, जिसमें निम्नलिखित महत्वपूर्ण सबूत बरामद हुए:

  1. चादर – हत्या के समय प्रयुक्त खून सनी चादर।

  2. सीमेंट की बोरी – शव से दुर्गंध रोकने के लिए 60 किलो सीमेंट मंगाया गया था, शेष बोरी जब्त की गई।

  3. फर्श पर खून के निशान – सफाई के बावजूद ट्रेस पाए गए।

  4. वॉकर – किशोर का सहारा, CCTV में दिखा था।

  5. चाकू और खून सना लोअर – हत्या में इस्तेमाल हथियार और कपड़े नाले से बरामद

भीड़ ने देखा सीन रिक्रिएशन

पुलिस जैसे ही आरोपियों को लेकर इंद्रप्रस्थ पहुंची, वहां हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग इस जघन्य हत्याकांड को समझने और आरोपियों को देखने के लिए जुटे। सीन रिक्रिएशन के अंतिम चरण में जब शव फेंकने की प्रक्रिया दोहराई गई, तब घटनास्थल पर भारी जनसमूह उपस्थित रहा।

क्या है पूरा मामला

23 जून को इंद्रप्रस्थ कॉलोनी फेज-2 के पास एक पेटी में युवक की सड़ी-गली लाश मिली थी। ट्रंक में सीमेंट के मोटे लेप के साथ शव एक सूटकेस में बंद किया गया था। फोरेंसिक टीम के अनुसार, शव की दुर्गंध रोकने के लिए यह तरीका अपनाया गया। शव मिलने के बाद शुरू हुई जांच में आरोपी दिल्ली भाग गए थे, जिन्हें पुलिस ने वहां से गिरफ्तार किया।

वाहन और नंबर प्लेट की जांच

मृतक की लाश जिस अल्टो कार में ले जाई गई, उसमें सेंट्रो कार की नंबर प्लेट लगी थी। यह नंबर विजय भूषण के नाम रजिस्टर्ड है और 20 वर्ष पुराना है। वाहन और नंबर प्लेट को लेकर भी जांच जारी है।

पुलिस का कड़ा रुख

पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड में पति-पत्नी समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है, और केस को साक्ष्यों के साथ मजबूत किया जा

You may have missed