सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध: नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी नगरीय निकायों को जारी किया परिपत्र

रायपुर | 6 जनवरी 2026

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अंतर्गत राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य के सभी नगरीय निकायों को परिपत्र जारी किया है। परिपत्र में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सभी नगर निगमों के आयुक्तों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने हेतु की गई कार्यवाहियों की मासिक जानकारी स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के मिशन संचालक को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।

परिपत्र में यह भी कहा गया है कि स्वच्छता दीदियों के माध्यम से डोर-टू-डोर अभियान चलाकर नागरिकों को सिंगल यूज प्लास्टिक के विकल्पों के प्रति जागरूक किया जाए। इसके साथ ही व्यावसायिक क्षेत्रों, साप्ताहिक बाजारों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित करने तथा प्रतिबंध उल्लंघन पर आर्थिक दण्ड की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रभावी नियंत्रण के लिए गैर-सरकारी संगठनों (NGOs), रहवासी कल्याण संघों (RWAs) एवं स्वसहायता समूहों की सहभागिता से घर-घर जागरूकता अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके अतिरिक्त शासकीय एवं अर्धशासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों तथा सार्वजनिक उपक्रमों में कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों की भागीदारी से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी शामिल हैं।

परिपत्र के अनुसार शहर के तीर्थ स्थलों, पर्यटन स्थलों, प्रमुख चौक-चौराहों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, निस्तारी एवं गैर-निस्तारी तालाबों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर जन-प्रतिनिधियों, धार्मिक गुरुओं, गणमान्य नागरिकों, स्वच्छताग्राहियों, ब्रांड एम्बैसडर्स, NGOs एवं स्वसहायता समूहों की सहभागिता से विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

नगरीय निकायों को यह भी निर्देशित किया गया है कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध से जुड़े सभी कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार स्थानीय एवं क्षेत्रीय मीडिया के साथ-साथ नगरीय निकायों के सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से किया जाए। विद्यालय स्तर पर चित्रकला प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक एवं वेस्ट-टू-आर्ट प्रतियोगिताओं के आयोजन के निर्देश भी परिपत्र में शामिल किए गए हैं।

विभाग का मानना है कि इन समन्वित प्रयासों से सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ, पर्यावरण-संवेदनशील व्यवहार को बढ़ावा मिलेगा।