शिवनाथ नदी की जल गुणवत्ता मानक से ऊपर मिली
IS:2296 के अनुसार DO स्तर 6.4–6.8 mg/L, नदी में मछली-जीवन संभव
हालिया परीक्षणों में शिवनाथ (Sheonath) नदी की जल गुणवत्ता को निर्धारित मानकों से ऊपर पाया गया है। परीक्षण में घुलित ऑक्सीजन (Dissolved Oxygen – DO) का स्तर 6.4 से 6.8 mg/L के बीच दर्ज किया गया, जो भारतीय मानक IS:2296 के अनुकूल है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्तर नदी में जलीय जीवन, विशेषकर मछलियों के लिए अनुकूल स्थितियों का संकेत है।
क्या दर्शाता है DO स्तर
DO स्तर पानी में उपलब्ध ऑक्सीजन का संकेतक होता है, और
- 5 mg/L से ऊपर को स्वस्थ माना जाता है
- 6–7 mg/L स्तर मछली-प्रजातियों के लिए बेहतर स्थिति दर्शाता है
रिपोर्ट के अनुसार, नदी के विभिन्न बिंदुओं से लिए गए नमूनों में DO स्तर स्थिर और सुरक्षित श्रेणी में रहा।
नदी पारिस्थितिकी को लाभ
जल गुणवत्ता में सुधार का अर्थ है कि नदी का पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत हो सकता है।
अनुकूल ऑक्सीजन स्तर से
- मछलियों की संख्या बढ़ने
- अकशेरुकी जीवों के संरक्षण
- जल गुणवत्ता चक्र के स्थिरीकरण
की संभावना बढ़ती है।
निगरानी और आगे की योजना
स्थानीय प्रशासन और पर्यावरण विभाग ने कहा कि नदी की नियमित मॉनिटरिंग जारी रहेगी।
अगले चरण में परीक्षणों में
- जैव-रासायनिक ऑक्सीजन मांग (BOD)
- pH स्तर
- प्रदूषक सामग्री
का भी विश्लेषण किया जाएगा।
नागरिकों से अपील
प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी किनारे कचरा न फेंके और उद्योगों को भी अपशिष्ट निस्तारण मानकों का पालन करना चाहिए, ताकि वर्तमान जल गुणवत्ता बनाए रखी जा सके।
निष्कर्ष:
शिवनाथ नदी में दर्ज DO स्तर 6.4–6.8 mg/L न केवल मानकों के अनुरूप है, बल्कि यह संकेत देता है कि नदी में मछली और जलीय जीवन संभव है। नियमित परीक्षण और प्रदूषण नियंत्रण से नदी के स्वास्थ्य को आगे भी सुरक्षित रखा जा सकता है।
