SEBI ने गैर-प्रमोटर शेयरधारकों के लिए लॉक-इन नियमों में ढील का प्रस्ताव रखा, कैपिटल मार्केट में लचीलापन बढ़ेगा
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने आगामी प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्तावों (IPOs) के लिए एक महत्वपूर्ण रेगुलेटरी रिफॉर्म प्रस्तावित किया है। नए ड्राफ्ट फ्रेमवर्क में मौजूदा गैर-प्रमोटर शेयरधारकों के लिए लागू लॉक-इन अवधि को आसान बनाने का सुझाव दिया गया है, जिसका उद्देश्य कैपिटल मार्केट में liquidity efficiency और transactional flexibility को बढ़ाना है।
SEBI के अनुसार:
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मौजूदा नियमों के कारण प्री-IPO निवेशकों—जैसे PE/VC फंड्स, स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टर्स और एंजेल नेटवर्क्स—को लंबी लॉक-इन विंडो का सामना करना पड़ता था, जिससे कैपिटल रीसाइक्लिंग में bottlenecks उत्पन्न होते थे।
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प्रस्तावित बदलाव से इन निवेशकों की एग्ज़िट स्ट्रेटेजी को market-aligned agility मिलेगी।
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प्रमोटर समूह पर लागू लॉक-इन नियमों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं सुझाया गया है, जिससे गवर्नेंस डोमेन में foundational stability बनी रहेगी।
विश्लेषकों का मानना है कि यह सुधार:
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IPO pipeline को decongest करेगा,
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निवेशकों के sentiment को uplift करेगा,
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और मार्केट की capital formation dynamics को मजबूत आधार देगा।
ड्राफ्ट प्रस्ताव पर मार्केट स्टेकहोल्डर्स से टिप्पणियाँ प्राप्त करने के बाद SEBI इसे अंतिम रेगुलेटरी स्ट्रक्चर में शामिल कर सकता है।
