रायपुर को मिलेगा नया ट्रैफिक मैप: मोवा से जोरा तक 14.7 किमी लंबा एक्सप्रेस-वे-2, एयरपोर्ट और नवा रायपुर का सफर होगा आसान

रायपुर में ट्रैफिक से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। शहर के मोवा से जोरा तक 14.7 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस-वे-2 बनने जा रहा है, जो आगे नवा रायपुर और एयरपोर्ट तक की कनेक्टिविटी को आसान बनाएगा। इस प्रोजेक्ट पर 1295 करोड़ रुपए की लागत आने वाली है और इसके बन जाने से रोजाना करीब 5 लाख लोगों को सफर में सुविधा होगी। जो दूरी पहले 30 मिनट से ज्यादा समय लेती थी, अब महज 10 मिनट में तय हो सकेगी।
बिना सिग्नल, बिना रुकावट – सीधे एक्सप्रेस-वे से जोरा तक
यह एक्सप्रेस-वे पूरी तरह सिग्नल फ्री होगा और इसमें कहीं भी रुकावट नहीं होगी। वर्तमान में मोवा से जोरा जाने वालों को शहर के 7 बड़े सिग्नलों से गुजरना पड़ता है, जिसमें लोधीपारा, मंडी गेट, शंकर नगर, खम्हारडीह, तेलीबांधा, वीआईपी चौक और लाभांडी शामिल हैं। ट्रैफिक और अतिक्रमण से यह सफर खासा सुस्त और तनावपूर्ण बन चुका है, जिसे यह नया प्रोजेक्ट खत्म करेगा।
डबल डेकर फ्लाईओवर और हाईटेक डिज़ाइन
यह रोड 45 मीटर चौड़ी होगी और इसमें शंकर नगर व कचना में डबल डेकर फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। साथ ही परसदा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज भी प्रस्तावित है। खास बात यह है कि इस पूरे रूट में रेलवे की जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा, जिससे तकनीकी और कानूनी अड़चनों से बचा जा सकेगा।
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू
सरकारी और निजी जमीनों के अधिग्रहण के लिए राजस्व विभाग को पत्र भेजा जा चुका है और जल्द ही सर्वे एजेंसी नियुक्त की जाएगी। नगर निगम के 14 वार्डों को इस प्रोजेक्ट से सीधा लाभ होगा, जिनमें पंडरी, मोवा, देवेंद्र नगर, खम्हारडीह, लाभांडी, फुंडहर और जोरा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
एयरपोर्ट और नवा रायपुर तक नई राह
अब जो लोग तेलीबांधा, वीआईपी रोड और मरीन ड्राइव होते हुए एयरपोर्ट जाते हैं, वे इस एक्सप्रेस-वे के जरिए जोरा होते हुए सीधे एयरपोर्ट तक पहुंच सकेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि वीआईपी रोड और मरीन ड्राइव जैसे प्रमुख रूट्स पर ट्रैफिक का लोड भी घटेगा।
स्मार्ट सिटी की ओर एक और कदम
यह प्रोजेक्ट रायपुर को स्मार्ट ट्रैफिक नेटवर्क की ओर ले जाने में सहायक बनेगा। इसे मास्टर प्लान की एम.आर. रोड स्कीम के तहत विकसित किया जा रहा है। सड़क के दोनों ओर फुटपाथ, सर्विस रोड, हरियाली और एलईडी लाइटिंग की आधुनिक सुविधाएं होंगी।
पुराने एक्सप्रेस-वे की विफलता से सबक
पहले भी रायपुर में एक्सप्रेस-वे-1 के नाम पर 350 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे, लेकिन उद्घाटन के कुछ ही महीनों बाद उसकी क्वालिटी पर सवाल खड़े हो गए थे। बारिश में सड़क धंसी, दीवारें झुकीं और कई जगह हादसे हुए। जांच रिपोर्ट में यह पाया गया कि घटिया निर्माण हुआ था और सलाहकार कंपनी ने भुगतान लेकर किनारा कर लिया था।
जनता को है भरोसा, लेकिन सावधानी भी जरूरी
अब एक्सप्रेस-वे-2 को लेकर लोगों में एक नई उम्मीद है, लेकिन पुराने अनुभवों से सबक लेते हुए निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी जरूरी है। यह प्रोजेक्ट केवल एक सड़क नहीं, बल्कि रायपुर की छवि और साख का भी मामला बन चुका है।